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नैनीताल हिंदू नव वर्ष पर नगर में निकाला आरएसएस का पथ संचलन।

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत 2082 के उपलक्ष्य में नगर के डीएसए मैदान में एकत्रीकरण किया गया। जिसमें आरएसएस के गणवेश में स्वयंसेवक एकत्रित हुए।
जहां राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक सर संघचालक केशव बलिराम हेडगेवार के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सामूहिक आद्य सर संघचालक प्रणाम कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्त उत्तराखंड प्रांत के प्रांत सह प्रचार प्रमुख डॉक्टर बृजेश वनकोटि ने अपने उद्बोधन में डॉक्टर हेडगेवार के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केशव बलिराम हेडगेवार ने हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना की और उस परिकल्पना को साकार करने के लिए सन 1925 में ‘विजयदशमी’ के दिन संघ की नींव रखी।

वह संघ के पहले सर संघचालक बने। संघ की स्थापना के बाद उन्होंने उसके विस्तार की योजना बनाई और नागपुर में प्रथम शाखा लगनी प्रारंभ हो गई। और आज देखते ही देखते आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा संगठन बना।

उन्होंने बताया कि अपनी भारतीय संस्कृति को यदि संजोए रखना है और राष्ट्र को परम वैभव पर पहुंचाना है तो संघ के शताब्दी वर्ष में हर घर तक संघ पहुंचाना होगा। वहीं कार्यक्रम में उद्बोधन के बाद नगर में मल्ली बाजार से तल्लीताल होते हुए पथ संचलन का समापन डीएसए मैदान में हुआ।

कार्यक्रम के अवसर पर नगर संघ चालक तेज सिंह बिष्ट, नगर कार्यवाह उमेश बिष्ट, भरत भट्ट,नवीन बात, नगर विस्तारक आशीष,प्रभात कांडपाल, धर्मेंद्र शर्मा,योगेश शर्मा,जगदीश तिवारी,चंदन जोशी,संदीप शर्मा,रचित,अक्षय लटवाल,अवनीश खंडूरी,विवेक वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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