करियर काउंसलिंग कार्यशाला का भी किया गया आयोजन।

करियर काउंसलिंग कार्यशाला में स्वरोजगार के गुरु मंत्र पर विशेष चर्चा हुई।

नैनीताल/रामगढ़। राजकीय महाविद्यालय रामगढ़ नैनीताल में आज संस्कृत दिवस का आयोजन किया गया ।

संस्कृत दिवस के अवसर पर बोलते हुएसंस्कृत विभाग प्रभारी डॉक्टर माया शुक्ला ने वैदिक साहित्य से लेकर लौकिक संस्कृत साहित्य में निहित प्राचीन ज्ञान परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए उनसे नैतिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की ।

संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार तथा पुनर्जीवित करने का आह्वान भी किया ।

प्राचार्य प्रोफेसर नगेंद्र त्रिवेदी ने संस्कृत साहित्य में छिपे विपुल ज्ञान संपदा की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को अपने जीवन में सद्गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर बोलते हुए स्नातक पंचम सेमेस्टर की छात्रा पायल रावत ने कहा की चारित्रिक उत्थान का एकमात्र माध्यम संस्कृत भाषा है।

संस्कृत दिवस के साथ-साथ महाविद्यालय में करियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन भी किया गया जिसमें समाजशास्त्र के प्राध्यापक  हरेश राम ने बोलते हुए छात्र-छात्राओं को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक करियर की समस्त संभावनाओं के बारे में सविस्तार पीपीटी के माध्यम से बताया ।

डॉ हरीश चंद्र जोशी ने छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार को अपनाकर स्वयं के मालिक कैसे बने अपने आसपास के क्षेत्र में कैसे रोजगार की संभावनाओं को तलाशा जाए और किस तरह स्वयं के काम से दूसरों को भी काम दिया जाए।

इस पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।और विविध उदाहरण के माध्यम से स्वरोजगार को अपनाने का गुरु मंत्र दिया ।

इस अवसर पर  हिमांशु बिष्ट , गणेश बिष्ट,इस अवसर पर डॉक्टर निर्मला रावत,  नीमा पंत ,डॉक्टर संध्या गडकोटी, प्रेम भारती सहित महाविद्यालय के समस्त छात्राएं उपस्थित रहे।

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