बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित, अस्पताल परिसर में भी 40-50 कुत्तों का जमावड़ा; नगर पालिका ने शुरू कराया टीकाकरण अभियान

रिपोर्टर : नीरज तिवारी 

कालाढूंगी। नगर क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। पिछले दो दिनों के भीतर ही आवारा कुत्तों ने दो दर्जन से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया। पीड़ितों में बच्चों और महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। लगातार बढ़ रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और नगर पालिका से जल्द स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, नगर के विभिन्न इलाकों और मुख्य बाजार में घूम रहे आवारा कुत्ते राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर रहे हैं। कई बच्चे स्कूल आते-जाते समय इनका शिकार बने हैं, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों को भी कुत्तों के काटने की घटनाओं का सामना करना पड़ा है।

सरकारी अस्पताल कालाढूंगी के चिकित्सक डॉ. कुलदीप ने बताया कि मंगलवार को ही 13 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक रही। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्ते दिनभर बाजार और सड़कों पर घूमते रहते हैं तथा राहगीरों पर हमला कर देते हैं।

डॉ. कुलदीप ने यह भी बताया कि रात के समय अस्पताल परिसर में करीब 40 से 50 आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे आपातकालीन सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका को ज्ञापन सौंपकर आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से अवगत कराया था और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, समस्या लगातार बढ़ती रही।

खबर लिखे जाने तक नगर पालिका अध्यक्ष रेखा कत्यूरा के निर्देश पर पशु चिकित्सकों की टीम ने क्षेत्र में आवारा कुत्तों के टीकाकरण का अभियान शुरू कर दिया था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए प्रभावी और स्थायी कदम उठाने की मांग की है।

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