ब्रेकिंग न्यूज़

उत्तराखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने हल्द्वानी दंगा कराने के मामले में गिरफ्तार अब्दुल मलिक सहित अब्दुल मोईद और जावेद की जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई।

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने हल्द्वानी दंगा कराने के मामले में गिरफ्तार अब्दुल मलिक सहित अब्दुल मोईद और जावेद की जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार से चार्जशीट कोर्ट में पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 18 दिसम्बर की तिथि नियत की है।
आज हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कहा कि मामले में चार्जशीट दायर हो गयी याचिकाकर्ता जमानत के लिए सेशन कोर्ट में जा सकते है। जबकि मलिक की तरफ से कहा गया कि सेशन कोर्ट ने उनकी जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त की है। इसलिए उनकी जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई उच्च न्यायलय में ही की जाय।
आपकों बता दे कि 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूपुरा इलाके में अतिक्रमण हटाने गई प्रशाशन व पुलिस की टीम पर साजिश कर्त्ता सहित अतिक्रमणकारियों व कई अन्य लोगो ने पथराव, आगजनी और गोलीबारी करने का आरोप है।

दंगे के दौरान दंगाईयो ने कई गाड़ियों सहित थाने को घेरकर गोलाबारी की। जिसमे कई लोगों की मौके पर मौत हो गयी और 100 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस की जाँच के बाद पुलिस ने 100 से अधिक दंगाईयो को गिरफ्तार किया जिसमें से एक आरोपी ये भी थे।

जमानत प्रार्थनपत्र में यह भी कहा है कि जिस दिन यह घटना हुई वे वहाँ न होकर दिल्ली में थे। उन्हें वेबजह फंसाकर उनके ऊपर दंगा भड़काने और दंगाईयो का साथ देने का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। जब अपराध किया ही नही तो झूठा मुकदमा किस आधार पर दर्ज किया गया।

इसलिए उन्हें जमानत दी जाय। आज उनकी जमानत प्रार्थनपत्र की पैरवी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने की।

यह भी पढ़ें :  नैनीताल : भूमियाधार में सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे ग्रामीण; बोले- ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’, 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.