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नैनीताल। बर्फबारी न होने से पर्यटन कारोबार को करीब 50 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि इस साल होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी समेत पर्यटन पर आधारित हर तरह के काम में गिरावट दर्ज हुई है।

पर्यटकों की आदम घटने से हर तरह की मांग में कमी आई है। अनुमान के मुताबिक दिसंबर से मार्च के बीच सर्दियों के सीजन में जिले में करीब 100 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी हुई है। पर मध्य हिमायल में स्थित मसूरी, नैनीताल, मुक्तेश्वर, लैंसडाउन, अल्मोड़ा समेत अन्य नगरों में इस साल बर्फबारी नहीं हुई है।

नैनीताल जिले की बात करें तो इस साल बर्फबारी नहीं हुई। जिसका सीधा असर पर्यटन करोबार पर पड़ रहा है। नैनीताल, भीमताल, भवाली, मुक्तेश्वर से लेकर रामगढ़ तक का इलाका दो माह से सन्नाटे में हैं। नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के अनुसार बर्फबारी न होने से कारोबार भी ठप हो गया।

नाव से लेकर बाइक टैक्सी तक प्रभावित

पर्यटकों की कमी का असर नाव सवारी, बाइक टैक्सी से लेकर हाईवे किनारे बनी छोटी दुकानों तक है।

भीमताल में नाव का संचालन करने वाले अमित के अनुसार सर्दियों में पर्यटक करीब 50 फीसदी तक कम पहुंचे। जिसका असर काम पर पड़ा है।

नैनीताल-हल्द्वानी के बीच एक दर्जन से अधिक छोटी दुकानें व ढाबे तीन माह में बंद हो गए। यह सीजनल खुलते हैं पर पर्यटक न होने के कारण इस साल सर्दियों में यह दुकानें नहीं खुल पायीं।

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