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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने शनिवार को ग्रेजुएट स्तर की भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया। यह परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बीच आयोजित हुई थी। आयोग के सचिव शिव बर्णवाल के अनुसार, यह परीक्षा 21 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में आयोजित की गई थी।

इस परीक्षा में पटवारी, लेखपाल और सात अन्य पदों के लिए कुल 416 रिक्तियों की भर्ती की जानी थी।

परीक्षा समाप्त होने के बाद लगभग 1.30 बजे, प्रश्नपत्र के तीन पन्नों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने इन तस्वीरों को साझा किया और दावा किया कि एक कॉलेज प्रोफेसर ने उम्मीदवार के लिए प्रश्नपत्र हल किया।

इस मामले में उम्मीदवार और उसकी बहन को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने कथित रूप से प्रोफेसर से संपर्क साधने में मदद की। मामले में रायपुर थाना, देहरादून में FIR दर्ज की गई थी।

उम्मीदवारों और युवाओं ने एक सप्ताह तक विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने का आश्वासन दिया।

सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश यू.सी. ध्यानी ने की। आयोग ने सभी पक्षों से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद रिपोर्ट दी और परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। आयोग ने कहा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की गोपनीयता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अब इस परीक्षा का पुनः आयोजन तीन महीने के भीतर किया जाएगा। आगामी परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) की मदद से 5G सिग्नल ब्लॉक करने के लिए जैमर लगाए जाएंगे और उम्मीदवारों की सघन तलाशी की जाएगी। इस कदम से परीक्षा में पारदर्शिता और उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।

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