नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की है। राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के बाद उत्तराखंड समेत छह राज्यों में राज्यपालों की जिम्मेदारियों में बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। इन नियुक्तियों को राज्यों के संवैधानिक प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, उत्तराखंड के अलावा केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और सिक्किम में भी नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं। राष्ट्रपति के आदेश के तहत डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पदभार ग्रहण करने के बाद राज्य के राजभवन की जिम्मेदारी नए राज्यपाल के हाथों में होगी।
छह राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियां
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में विभिन्न राज्यों के लिए नियुक्त किए गए राज्यपालों के नाम इस प्रकार हैं—
उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
केरल: ओम प्रकाश माथुर
तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
ओडिशा: ब्रज मोहन राम
कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
सिक्किम: दुष्यंत गौतम
इन नियुक्तियों के साथ संबंधित राज्यों में राजभवन की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। नए राज्यपालों के कार्यभार संभालने के बाद ही उनके पदभार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
पदभार ग्रहण करने के बाद लागू होंगी नियुक्तियां
राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि नई नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी। तब तक संबंधित राज्यों के वर्तमान राज्यपाल अपने पदों पर बने रहेंगे। यानी नियुक्ति की घोषणा और वास्तविक रूप से कार्यभार संभालने के बीच प्रशासनिक व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
उत्तराखंड में नए राज्यपाल की नियुक्ति पर नजरें
उत्तराखंड में डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति के बाद उनके कार्यभार संभालने को लेकर आगे की औपचारिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी। राज्यपाल राज्य में संवैधानिक प्रमुख की भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार और राजभवन के बीच संवैधानिक प्रक्रियाओं के संचालन में भी राज्यपाल का महत्वपूर्ण दायित्व होता है।
छह राज्यों में एक साथ हुई इन नियुक्तियों के बाद अब संबंधित राज्यों में नए राज्यपालों के पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, नियुक्तियों के प्रभावी होने की तारीख संबंधित राज्यपालों के कार्यभार संभालने पर निर्भर करेगी।

