अक्टूबर में फिर करवट लेगा मौसम, कई पर्वतीय जिलों में बारिश-गरज के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

देहरादून/नैनीताल। मानसून की विदाई के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बने शुष्क मौसम के बीच अब उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने 6 से 11 अक्टूबर तक प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं। वहीं कुछ इलाकों में तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दूसरी ओर, प्रदेश के अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

6 और 7 अक्टूबर को कई जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक 6 और 7 अक्टूबर को नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। इसके अलावा चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की जरूरत है।

4200 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी के आसार

बदलते मौसम का असर प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भी दिखाई देगा। 6 से 8 अक्टूबर के बीच 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। इसके बाद 9 से 11 अक्टूबर के बीच करीब 3800 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ गिर सकती है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इसका असर आसपास के निचले पर्वतीय इलाकों में भी देखने को मिल सकता है और अक्टूबर की ठंडक धीरे-धीरे बढ़ सकती है।

यात्रियों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग की चेतावनी के बीच पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही पर्वतीय मार्गों पर निकलने की सलाह दी गई है।

फिलहाल प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी का असर बना रह सकता है, जबकि पर्वतीय इलाकों में बादल और बारिश के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। ऐसे में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत उत्तराखंड में बदलते मौसम के साथ होने जा रही है।

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