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अल्मोड़ा। सल्ट क्षेत्र के मरचुला में स्थित श्मशान घाट परिसर में कथित रूप से एक वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है।

जिस स्थान को परंपरागत रूप से अंतिम संस्कार और श्रद्धा से जुड़ी क्रियाओं के लिए पवित्र माना जाता है, वहां इस तरह के आयोजन की खबर सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील और धार्मिक महत्व वाले स्थल की मर्यादा का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उनका आरोप है कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय संस्कृति और आस्था को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि क्षेत्र की पहचान और शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस तरह के कार्यक्रम की अनुमति किसने दी? क्या इसके लिए संबंधित रिजॉर्ट या आयोजन स्थल के मालिक जिम्मेदार हैं, या फिर प्रशासन की ओर से निगरानी में चूक हुई है?

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचेगा।

वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि ऐसे संवेदनशील स्थलों की गरिमा और पवित्रता बनी रहे।

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