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भीमताल। ओखलकांडा ब्लॉक के हरीशताल गांव में स्थित हरीशताल झील, जो प्राकृतिक सौंदर्य का एक महत्वपूर्ण स्थल है, लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बनी हुई थी।

झील के चारों ओर वर्षों से झाड़ियां और गंदगी फैलती जा रही थी, लेकिन इसके सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए न तो किसी जनप्रतिनिधि और न ही संबंधित विभाग ने कोई ठोस पहल की।

सरकारी स्तर पर ध्यान न दिए जाने से नाराज गांव के युवाओं ने खुद ही इस झील को संवारने का बीड़ा उठाया। गांव के युवा पवन भट्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने श्रमदान कर झील और उसके आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई शुरू की।

युवाओं ने आपसी सहयोग और लोगों से मदद लेकर झील के चारों ओर उगी झाड़ियों को काटा और क्षेत्र को साफ किया, ताकि इस प्राकृतिक धरोहर को फिर से संवारकर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कई नेता और जनप्रतिनिधि चुनाव के समय यहां आते हैं और क्षेत्र के विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन झील के सौंदर्यीकरण और संरक्षण की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, यदि हरीशताल झील का समुचित विकास किया जाए तो यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण बन सकता है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

इसी सोच के साथ गांव के युवाओं ने अपने स्तर पर इस झील को साफ-सुथरा बनाने की पहल की है, ताकि सरकार और पर्यटन विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।

इस अभियान में पवन भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट, दीपक भट्ट, प्रकाश जोशी, यमुना, कुसुम, ममता सहित कई ग्रामीणों ने श्रमदान कर सहयोग दिया।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी इस पहल के बाद सरकार और पर्यटन विभाग इस प्राकृतिक स्थल के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।

राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने विधायक राम सिंह कैड़ा पर क्षेत्र की अनदेखी का  आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

भीमताल विधानसभा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन स्थानीय विधायक की उदासीनता के कारण कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। 

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