ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

हल्द्वानी। बिना वैध पंजीकरण और स्पष्ट जवाबदेही के चल रहे कार-शेयरिंग एप ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार सुबह मुरादाबाद के मूंढापांडे में हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।

आरटीओ रोड निवासी यशदीप पांडे (30), जो नोएडा में योगा टीचर हैं, ने हाल ही में अपनी टियागो कार को एक कार-शेयरिंग एप पर रजिस्टर किया था। उन्होंने दिल्ली जाने के लिए चार सीटों का ऑफर दिया था।

इस एप के माध्यम से अमरावती कॉलोनी निवासी और दिल्ली में तैनात नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत (59), कुसुमखेड़ा के भुवन भंडारी (35), आरटीओ रोड निवासी सुंदर सिंह (42) और अनिल नेगी ने सीटें बुक कराई थीं।

रविवार देर रात सभी यात्री अलग-अलग स्थानों से सवार हुए और सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए। लेकिन मुरादाबाद के मनकरा मोड़ के पास उनकी कार अचानक हाईवे पर चढ़ी ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दयाल सिंह, भुवन भंडारी और सुंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनिल नेगी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

घायल चालक यशदीप ने बताया कि सड़क पर उस समय ट्रैफिक कम था। अचानक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली कट मारते हुए हाईवे पर आ गई, जिससे बचने का मौका नहीं मिला और कार पीछे से उसमें जा घुसी। हादसे के बाद उन्हें होश अस्पताल में आया।

इस घटना के बाद कार-शेयरिंग एप की वैधता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परिवहन विभाग पहले ही इस तरह के एप पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।

देहरादून में परिवहन विभाग की कमेटी ने ऐसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार और आईटी मंत्रालय को पत्र भेजा है।

बताया जा रहा है कि विभाग ने फरवरी 2025 में संबंधित एप को ईमेल के जरिए नोटिस भी भेजा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

फिलहाल यह हादसा उन लोगों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है, जो सस्ती और सुविधाजनक यात्रा के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे ।

यह भी पढ़ें :  उत्तराखंड सरकार की डिजिटल सेवाओं पर बड़ा साइबर हमला,

You missed

error: Content is protected !!