संकल्प पत्र, गीता और हनुमान चालीसा भेंट कर विकास का रोडमैप साझा किया, नशामुक्त और शिक्षित भीमताल का लिया संकल्प
मिशन 2027 के तहत हरीश पनेरू का जनसंपर्क
भीमताल। विधानसभा क्षेत्र भीमताल में मिशन 2027 को लेकर राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू का गांव-गांव जनसंपर्क अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में उन्होंने विकासखंड ओखलकांडा के ग्राम तुषराड़, टकुरा एवं जमराड़ी का भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की और क्षेत्र की समस्याओं, विकास की जरूरतों तथा भविष्य की अपेक्षाओं को लेकर संवाद किया।
जनसंपर्क के दौरान हरीश पनेरू ने ग्रामीणों का कुशलक्षेम जाना और क्षेत्र की जमीनी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि गांवों में पहुंचकर जनता के बीच संवाद करना उनके जनसेवा अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्रामीणों की ओर से मिले स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद को उन्होंने अपनी सामाजिक एवं राजनीतिक यात्रा की मजबूती बताया।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को अपना संकल्प पत्र, श्रीमद्भगवद्गीता एवं हनुमान चालीसा भेंट की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भीमताल विधानसभा क्षेत्र के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है।
हरीश पनेरू ने कहा कि मिशन 2027 के तहत उनका प्रयास केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को सुनना और क्षेत्र के विकास को लेकर जनता के साथ संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर, मातृशक्ति को सम्मान एवं आत्मनिर्भरता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार विकास की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
उन्होंने नशामुक्त, शिक्षित और विकसित भीमताल के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि नशे के बढ़ते प्रभाव से युवाओं को बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। साथ ही शिक्षा और रोजगार के माध्यम से युवाओं को बेहतर भविष्य देने की दिशा में ठोस पहल जरूरी है।
ग्रामीणों ने भी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को उनके समक्ष रखा। हरीश पनेरू ने कहा कि जनता से मिलने वाला सुझाव और फीडबैक ही क्षेत्र के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि मिशन 2027 के तहत भीमताल विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव जनसंपर्क और संवाद का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।





































