नैनीताल। जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की है।
जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल के निर्देश पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 9 आरोपियों को “गुंडा” घोषित करते हुए उन्हें 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास गंभीर पाया गया और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय व असुरक्षा का माहौल बन रहा था। इसी आधार पर इन्हें नैनीताल जनपद की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन आरोपियों पर हुई कार्रवाई:
राहुल (थाना रामनगर), संजय आर्य (थाना काठगोदाम), अनुज राज सिंह (थाना रामनगर), शाहिद (रामनगर), कौशल चिलवाल (रामनगर), सलमान (थाना बनभूलपुरा), मोहसिन (बनभूलपुरा), शादाब (बनभूलपुरा) और प्रदीप सागर अमन (थाना मुखानी) को विभिन्न मामलों—एनडीपीएस, आबकारी, आईपीसी व आर्म्स एक्ट—में दर्ज मुकदमों के आधार पर जिला बदर किया गया है।
5 आरोपियों को मिली राहत:
वहीं जांच में वर्तमान गतिविधियों में सुधार पाए जाने पर प्रशासन ने पांच व्यक्तियों—शनि बाबू, संजय बिनवाल, हिमांशु शाही, सूरज कुमार और मोहम्मद आबिद—के विरुद्ध जारी गुंडा एक्ट के नोटिस निरस्त कर दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
साथ ही, जिन लोगों के व्यवहार में सुधार देखा जाएगा, उन्हें कानून के दायरे में राहत भी प्रदान की जाएगी।

