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छोटे से गांव का लड़का बना NDA टॉपर, ऑल इंडिया रैंक 1 लाकर पूरे देश को चौंकाया

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के छोटे से गांव जकरिया के रहने वाले पार्थ कुमार तिवारी ने NDA परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है।

उनकी इस शानदार सफलता से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव में जश्न का माहौल है और हर कोई उनके जज्बे और मेहनत की सराहना कर रहा है।

इस बार NDA परीक्षा में कुल 742 उम्मीदवार सफल हुए, जिनमें 651 पुरुष और 91 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। यह परिणाम 14 सितंबर 2025 को हुई लिखित परीक्षा और उसके बाद हुए SSB इंटरव्यू के आधार पर घोषित किया गया।

पार्थ वर्तमान में देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) से 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा कर्नाटक के कोडगु जिले में हुई, जिसके बाद नवोदय विद्यालय से पढ़ाई करते हुए उनका चयन RIMC में हुआ—यहीं से उनके सैन्य करियर की मजबूत नींव रखी गई।

उन्होंने लिखित परीक्षा और जनवरी 2026 में बेंगलुरु में हुए SSB इंटरव्यू—दोनों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस कठिन इंटरव्यू में मानसिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और व्यक्तित्व का गहन मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें पार्थ पूरी तरह सफल रहे।

पार्थ के पिता नाथ शरण तिवारी सैनिक स्कूल में हिंदी शिक्षक रह चुके हैं, जबकि उनकी मां किरण देवी भी शिक्षिका हैं। परिवार के इसी अनुशासित और शिक्षित माहौल ने उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित किया। रिजल्ट आने के बाद पिता भावुक हो गए और बेटे से मिलने देहरादून पहुंच गए।

अब पार्थ 12वीं के बाद पुणे स्थित NDA में प्रशिक्षण के साथ अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू करेंगे।

परिवार में उनकी बड़ी बहन इंजीनियर और दूसरी बहन सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं, जिससे शिक्षा और सफलता की परंपरा और मजबूत होती दिखती है।

पार्थ की इस उपलब्धि ने गांव जकरिया को नई पहचान दी है और उनकी कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

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