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नैनीताल की हेमा ने यूट्यूब से सीख कर पार्ट टाइम में बनाया काम का जरिया, भारतीय शहीद सैनिक स्कूल में है भोजन माता

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। नैनीताल की हेमा रौतेला ने इसे सच साबित कर दिखाया है।

भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में भोजन माता के रूप में कार्यरत हेमा ने यू-ट्यूब के माध्यम से ऊन और क्रोशिया से खूबसूरत फूल, गुलदस्ते, टेडी, सूरजमुखी, मफलर और घर सजाने की कई आकर्षक वस्तुएं बनाना सीखा।

आज यही हुनर उनके परिवार के भरण-पोषण का सहारा बन गया है।

हेमा रौतेला स्कूल में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद खाली समय में ऊन और क्रोशिया से विभिन्न सजावटी सामान तैयार करती हैं।

उन्होंने बताया कि उनके बैग में हमेशा ऊन और क्रोशिया रहता है और जैसे ही समय मिलता है, वह अपने काम में जुट जाती हैं। घर पहुंचने के बाद भी देर रात तक वह इन वस्तुओं को बनाने का कार्य करती हैं।

सर्दियों के मौसम में हेमा मौजे, टोपी, कनपट्टी, मफलर, दस्ताने और स्वेटर जैसी गर्म वस्तुएं भी तैयार करती हैं। उनके हाथों से बने गुलाब, गजरे और अन्य सजावटी सामान लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। इन वस्तुओं को लोग अपने घरों की सजावट में भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

हेमा ने बताया कि उन्होंने यह कला पूरी तरह यू-ट्यूब से सीखी और आज यह उनके लिए पार्ट टाइम रोजगार का मजबूत जरिया बन चुकी है। उनकी इस पहल से अन्य महिलाएं भी प्रेरित हुई हैं। वर्तमान में करीब 10 महिलाएं इस मुहिम से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रही हैं।

इस मुहिम में मीना देवी, मंजू देवी, अंजू देवी, संजू देवी, दीपा देवी, चंबा देवी, दीपा मेहरा और चंपा देवी सहित कई महिलाएं जुड़ी हुई हैं। हेमा का कहना है कि यदि महिलाओं में लगन और आत्मविश्वास हो तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

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