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नैनीताल। मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने जनपद में ईंधन बचत, ऊर्जा संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर सभी विभागों, अधिकारियों और कार्मिकों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जारी आदेशों का प्रत्येक दशा में सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक शनिवार को सभी अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का ही उपयोग करेंगे। साथ ही सरकारी अधिकारियों को केवल सरकारी आवास से कार्यालय तक ही सरकारी वाहन प्रयोग करने की अनुमति होगी। निजी आवास से कार्यालय आने-जाने के लिए सरकारी वाहन के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक अधिकारी केवल एक सरकारी वाहन का ही प्रयोग करेगा और वह भी केवल अत्यावश्यक राजकीय कार्यों के लिए। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के पास ई-वाहन उपलब्ध हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ई-वाहनों का उपयोग करने को कहा गया है। निकटवर्ती क्षेत्रों से आने वाले कार्मिकों को कार पूल व्यवस्था अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ऊर्जा संरक्षण के तहत सरकारी कार्यालयों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच रखने तथा अनावश्यक बिजली, रोशनी और सजावटी लाइटिंग के उपयोग पर नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए हैं। शासकीय कार्यों में वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है।

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि आदेशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और संसाधनों की बचत के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

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