स्थानीय लोगों की सतर्कता से बची दुर्लभ पक्षी की जान, वन विभाग ने संभाली जिम्मेदारी
भीमताल (नैनीताल)। भीमताल के मल्लीताल बाजार क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले एक स्पॉटेड आउल (उल्लू) के बच्चे को स्थानीय लोगों की सतर्कता और संवेदनशीलता के चलते समय पर उपचार मिल सका। घायल पक्षी को पहले पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जिसके बाद वन विभाग ने उसे अपने संरक्षण में लेकर रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया।
क्षेत्रीय रेंज अधिकारी (आरओ) विजय मेलकानी ने बताया कि स्पॉटेड आउल का एक बच्चा घायल अवस्था में उड़ने में असमर्थ पाया गया था। स्थानीय परिवार ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उपचार के लिए पशु अस्पताल पहुंचाने के साथ ही वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पक्षी को अपने कब्जे में लिया और बेहतर उपचार एवं देखभाल के लिए रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजने की व्यवस्था की। अधिकारियों के अनुसार समय रहते मदद मिलने से उल्लू का बच्चा कुत्तों, बिल्लियों और अन्य शत्रुओं का शिकार बनने से बच गया।
वन विभाग अब पक्षी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों के अनुसार स्पॉटेड आउल इस क्षेत्र में पाए जाने वाले छोटे और गठीले शरीर के उल्लुओं की प्रजाति है, जो मुख्य रूप से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सक्रिय रहते हैं। यह प्रजाति आबादी के आसपास पेड़ों में निवास करती है तथा कीट-पतंगों, छोटी चिड़ियों और छिपकलियों को अपना भोजन बनाती है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव या पक्षी के घायल मिलने पर तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर उपचार और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।


