देहरादून की दो इमीग्रेशन कंपनियों और महिला संचालक पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और मानव तस्करी जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर

हल्द्वानी। विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर हल्द्वानी के एक युवक से तीन लाख रुपये से अधिक की ठगी करने और उसे मलेशिया में बंधक जैसी स्थिति में रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने देहरादून की दो इमीग्रेशन कंपनियों और उनकी महिला संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा मानव तस्करी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार मल्ला गोरखपुर निवासी गौरव ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2024 में इंटरनेट के माध्यम से विदेश में नौकरी की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात दीपिका नाम की एक महिला से हुई। महिला ने खुद को देहरादून स्थित एक इमीग्रेशन कंपनी की संचालक बताते हुए यूरोपीय देश माल्टा में किचन हेल्पर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

आरोप है कि महिला के झांसे में आकर गौरव ने मई 2024 से मार्च 2025 के बीच अलग-अलग खातों में कुल 3,00,896 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी न तो वीजा मिला और न ही नौकरी।

पीड़ित के मुताबिक, आरोपी महिला ने माल्टा की एक कंपनी का कथित नियुक्ति पत्र (ऑफर लेटर) और फर्जी पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया। जब लंबे समय तक माल्टा का वीजा नहीं आया तो महिला ने यह कहकर नया बहाना बनाया कि पहले तीन महीने दुबई में नौकरी करनी होगी। बाद में दुबई का टिकट भी रद्द कर दिया गया।

गौरव का आरोप है कि अक्टूबर 2025 में उसे दिल्ली से मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर भेजा गया और कहा गया कि वहां से 10 दिन बाद माल्टा की फ्लाइट मिलेगी। लेकिन कुआलालंपुर पहुंचने पर उसे एक छोटे से कमरे में 10-12 अन्य युवकों के साथ बंधक जैसी परिस्थितियों में रखा गया। वहीं उसे एहसास हुआ कि वह अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के जाल में फंस चुका है। किसी तरह वह 20 अक्टूबर 2025 को भारत लौटने में सफल रहा।

गौरव ने बताया कि उसने जनवरी 2026 में हल्द्वानी कोतवाली और फरवरी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मामले की शिकायत की थी। मार्च में पुलिस ने उसके बयान तो दर्ज किए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि न्यायालय के आदेश केअनुपालन में आरोपी महिला दीपिका तथा उसकी दो इमीग्रेशन कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मानव तस्करी/बंधक बनाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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