TET एवं NPS के विरोध में उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा कोटाबाग का एक दिवसीय धरना, प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन
रिपोर्टर – नीरज तिवारी
कालाढूंगी (नैनीताल)। उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर शाखा कोटाबाग के शिक्षकों ने शुक्रवार को अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) व्यवस्था एवं नई पेंशन योजना (NPS) के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रेम चन्द्र काण्डपाल ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद नैनीताल के जिला कोषाध्यक्ष नवीन चन्द्र ने किया।
धरने के उपरांत शिक्षकों ने खण्ड शिक्षा अधिकारी, कोटाबाग के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। खण्ड शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त किया।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा तथा सेवा हितों की उपेक्षा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षक अपनी न्यायोचित मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष रख रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।
शिक्षकों ने मांग की कि सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त की जाए। साथ ही नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाए, ताकि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और शीघ्र उचित कदम उठाएगी।
धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


