सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन और सड़कें बंद होने से न केवल कैलास मानसरोवर यात्रा प्रभावित हुई है, बल्कि चीन सीमा से लगे दारमा और व्यास घाटी का संपर्क भी कट गया है। जिले में दो प्रमुख सीमा मार्गों समेत कुल 18 मोटर मार्ग बंद होने से लगभग एक लाख की ग्रामीण आबादी प्रभावित हुई है।

सबसे अधिक असर कैलास मानसरोवर यात्रा पर पड़ा है। शनिवार को धारचूला से गुंजी के लिए रवाना होने वाला चौथा यात्रा दल मार्ग बंद होने के कारण निर्धारित समय पर आगे नहीं बढ़ सका और उसे धारचूला में ही रोकना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, गर्बाधार से लगभग दो किलोमीटर आगे शनिवार सुबह पहाड़ी से विशाल चट्टान सड़क पर गिर गई, जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग खोलने का कार्य भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इस दौरान गुंजी सहित अन्य सीमांत गांवों से धारचूला आ रहे कई वाहन और यात्री भी रास्ते में फंस गए।

मार्ग खुलवाने के लिए बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की 65 आरसीसी इकाई के अधिकारी मानिक महाजन मौके पर पहुंच गए हैं। बूंदी और पांगला की ओर से दो भारी मशीनें लगाकर मलबा हटाने का कार्य जारी है, लेकिन देर शाम तक सड़क यातायात के लिए बहाल नहीं हो सकी। अब मौसम अनुकूल रहने पर चौथा कैलास मानसरोवर यात्रा दल रविवार को गुंजी के लिए रवाना किया जाएगा।

इधर, तवाघाट–सोबला–तिदांग मार्ग पर सोबला के निकट ठाड़ीगाड़ पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल से बड़े वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इसके चलते चीन सीमा से लगी दारमा घाटी के 13 और व्यास घाटी के 7 गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो गई है।

वहीं, लगातार बारिश के कारण बेरीनाग क्षेत्र में भी नुकसान की खबर सामने आई है। बेरीनाग तहसील मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर उडियारी गांव में शनिवार सुबह लगभग 11 बजे हीरा सिंह महरा के मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। संयोग से हादसे के समय उनकी वृद्ध मां और बच्चे घर के बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

हालांकि, मकान के अंदर रखा राशन, भोजन सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया। तहसीलदार दयाल चन्द्र मिश्रा ने बताया कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

ग्राम प्रधान हेमा देवी ने बताया कि हीरा सिंह महरा मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र राहत राशि और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण पिथौरागढ़ जिले में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रशासन, बीआरओ और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सड़कें खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP कनेक्शन की जांच में नया मोड़, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर नार्को-पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार; 26 अक्टूबर को अगली सुनवाई

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.