हल्द्वानी। सुशीला तिवारी (एसटीएच) अस्पताल के पीछे बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे में ई-रिक्शा चालक की जान चली गई। नहर में पलटे ई-रिक्शे से सामान निकालने की कोशिश के दौरान चालक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, वनभूलपुरा थाना क्षेत्र के गौजाजाली निवासी 45 वर्षीय नजीर अहमद को बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर से बिजली के उपकरणों की ढुलाई की बुकिंग मिली थी। उन्होंने ई-रिक्शे में सामान लोड कर उसे एक कारोबारी तक पहुंचाने के लिए रवाना हुए। डहरिया से नहर किनारे होते हुए वह एसटीएच के पीछे वाले मार्ग से गुजर रहे थे।
बताया जा रहा है कि सड़क पर पिछले कई महीनों से बना गहरा गड्ढा हादसे की वजह बना। जैसे ही ई-रिक्शा गड्ढे में उतरा, चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन नहर में पलट गया। हालांकि नजीर अहमद किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे, लेकिन ई-रिक्शे में रखा बिजली का सामान नहर के पानी में गिरकर भीग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नुकसान से बचाने के लिए नजीर अहमद तुरंत नहर में उतर गए और एक-एक कर सामान बाहर निकालने लगे। उन्होंने कुछ सामान सड़क तक भी पहुंचा दिया, लेकिन इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। वह सड़क पर गिर पड़े और फिर उठ नहीं सके।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने उन्हें तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर वनभूलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि अत्यधिक तनाव और शारीरिक मेहनत के कारण चालक की तबीयत बिगड़ी, हालांकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नहर किनारे सड़क पर लंबे समय से बने गहरे गड्ढे की कई बार शिकायत की गई, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
उनका कहना है कि यदि समय रहते गड्ढा भर दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब लोगों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।


