एक दर्जन से अधिक दुकानों का निरीक्षण, मिलावट और गंदगी मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
नैनीताल। आगामी रक्षाबंधन और श्रावण मास को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सघन अभियान शुरू कर दिया है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को खनस्यू बाजार में किराना और मिठाई की एक दर्जन से अधिक दुकानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने दो प्रतिष्ठानों से टोमैटो सॉस, गुलाब जामुन मिक्सचर, दलिया, चायपत्ती और कुरकुरे सहित कुल पांच खाद्य नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान खनस्यू स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के रसोईघर और खाद्य भंडार का भी निरीक्षण किया गया। जांच में विद्यालय में खाद्य लाइसेंस संबंधी सभी नियमों का पालन संतोषजनक पाया गया। विद्यालय प्रभारी को नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और छात्राओं को केवल गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को दुकानों और गोदामों में नियमित सफाई रखने, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने तथा बाजार में बिक रही रंग-बिरंगी कचरी का विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सूरत में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यापारी मिलावट करते पाया गया तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act-2006) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई कि यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
खाद्य विभाग की प्रमुख हिदायतें
सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो।
पैक्ड खाद्य सामग्री पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर स्पष्ट अंकित हों।
सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
ग्राहकों को बिल/कैश मेमो देना और लेना सुनिश्चित किया जाए।
FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रतिष्ठान में प्रदर्शित किया जाए।
एक्सपायरी और खराब खाद्य सामग्री का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जांच में यदि कोई नमूना फेल होता है या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध एफएसएस एक्ट-2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


