₹14,118 करोड़ से अधिक का कारोबार, 63.24 करोड़ का शुद्ध लाभ और पाँच राज्यों में 176 शाखाओं के साथ लगातार मजबूत हो रहा नैनीताल बैंक
नैनीताल। नैनीताल बैंक लिमिटेड के 105वें स्थापना दिवस के अवसर पर नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (NBOA) ने बैंक के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त साथियों, ग्राहकों, शेयरधारकों एवं शुभचिंतकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
एसोसिएशन ने इस अवसर पर बैंक की गौरवशाली उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इसे उत्तराखण्ड सहित पाँच राज्यों में विश्वास, सेवा और उत्कृष्ट बैंकिंग का मजबूत प्रतीक बताया।
एनबीओए द्वारा जारी संदेश में कहा गया कि 31 जुलाई 1922 को स्थापित नैनीताल बैंक लिमिटेड ने देवभूमि उत्तराखण्ड से अपनी यात्रा शुरू की थी। स्थानीय लोगों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने और ईमानदारी, विश्वास एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा को आधार बनाकर शुरू हुआ यह सफर आज 105 वर्षों का स्वर्णिम इतिहास बन चुका है।
वर्तमान में बैंक उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में 176 शाखाओं के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से लाखों ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है।
एसोसिएशन ने बताया कि 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष बैंक के लिए उपलब्धियों से भरा रहा।
इस अवधि में बैंक का कुल व्यवसाय ₹14,118.02 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि कुल जमा ₹8,623.67 करोड़ और कुल अग्रिम ₹5,494.35 करोड़ दर्ज किए गए। बैंक की CASA जमा ₹3,491.04 करोड़ रही। इसके अलावा बैंक ने ₹63.24 करोड़ का शुद्ध लाभ और ₹116.33 करोड़ का परिचालन लाभ अर्जित किया।
बैंक का सकल एनपीए 4.95 प्रतिशत तथा शुद्ध एनपीए मात्र 0.27 प्रतिशत रहा, जबकि पूँजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 18.96 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
एनबीओए ने इन उपलब्धियों का श्रेय बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, कड़ी मेहनत, व्यावसायिक दक्षता और ग्राहकों के प्रति समर्पित सेवा भावना को दिया।
एसोसिएशन ने कहा कि बदलते बैंकिंग परिवेश, तकनीकी चुनौतियों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद बैंक के कर्मचारियों ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए संस्था की प्रतिष्ठा को लगातार नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
एसोसिएशन ने कहा कि बैंक की प्रत्येक सफलता के पीछे कर्मचारियों की अथक मेहनत, ग्राहकों का अटूट विश्वास और प्रबंधन की दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
एनबीओए ने यह भी दोहराया कि वह भविष्य में भी अधिकारियों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण की रक्षा के साथ-साथ बैंक की निरंतर प्रगति, व्यवसाय विस्तार, लाभप्रदता और संस्थागत विकास के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाती रहेगी।
इस अवसर पर एनबीओए ने बैंक के संस्थापकों, पूर्व अध्यक्षों, निदेशकों, प्रबंधकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
साथ ही बैंक के लाखों ग्राहकों के विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी से नैनीताल बैंक को सेवा, विश्वास, नवाचार और उत्कृष्टता के नए आयामों तक पहुँचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
एनबीओए के अध्यक्ष सी. एस. कन्याल तथा महासचिव पीयूष पयाल ने कहा कि कर्मचारी हित और बैंक हित एक-दूसरे के पूरक हैं।
दोनों के संतुलित विकास से ही नैनीताल बैंक आने वाले वर्षों में और अधिक सशक्त, प्रगतिशील एवं ग्राहक-केंद्रित बैंक के रूप में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।


