त्योहारी सीजन से पहले महंगाई को लेकर सरकार पर साधा निशाना, विधायक सुमित हृदयेश बोले—आम आदमी की थाली से छिन रही मिठास

हल्द्वानी। त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर उत्तराखंड में सियासत तेज हो गई है। हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के विरोध में अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करते हुए लोगों को बिना चीनी की फीकी चाय पिलाई।

बुद्ध पार्क में आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए आवश्यक खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर तत्काल नियंत्रण की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुद्ध पार्क में आम लोगों को फीकी चाय पिलाकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी के जीवन की ‘मिठास’ छीन ली है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चीनी समेत रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण की मांग उठाई।

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि त्योहारों से ठीक पहले चीनी के दामों में लगातार बढ़ोतरी आम परिवारों के लिए चिंता का विषय है।

पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि रसोई में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु की कीमत बढ़ने से इसका असर हर वर्ग के परिवार पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को बाजार में कीमतों की निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि फीकी चाय का प्रदर्शन केवल विरोध का तरीका नहीं, बल्कि आम आदमी की परेशानी को सामने रखने का प्रतीक है। त्योहारी मौसम में जब परिवार मिठाइयों और अन्य पकवानों की तैयारी करते हैं, ऐसे समय में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देती हैं।

प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी भागीदारी की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया और जमाखोरी-कालाबाजारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को बाजार पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने त्योहारी सीजन से पहले महंगाई के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

आने वाले दिनों में चीनी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी तकरार और तेज होने के आसार हैं।

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