बागेश्वर। कपकोट तहसील के लखमारा गांव में पिछले दो दिनों से लगातार हो रहे भूस्खलन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित पहाड़ी से लगातार मलबा, बड़े-बड़े बोल्डर और पेड़ गिरकर लखमारा गधेरे में समा रहे हैं। लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते ग्रामीणों को किसी बड़ी आपदा की आशंका सताने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी से गिर रहे बड़े बोल्डर यदि लखमारा गधेरे में जमा होकर पानी के प्राकृतिक बहाव को रोक देते हैं, तो यहां अस्थायी तालाब बनने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में भविष्य में पानी का दबाव बढ़ने और अचानक बहाव टूटने से निचले क्षेत्रों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
भूस्खलन की चपेट में आने से क्षेत्र के कई किसानों की कृषि भूमि मलबे में दब गई है। प्रभावित किसानों में शंकर सिंह, मोहन सिंह, जैंत सिंह, अजब सिंह, उमा देवी, किशन सिंह और पान सिंह समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं। लगातार गिर रहे मलबे के कारण खेती योग्य भूमि को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।
भूस्खलन से गांव का मुख्य रास्ता भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके साथ ही सिंचाई नहर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रास्ता बंद होने के कारण लखमारा गांव का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है। गांव में करीब 70 परिवार निवास करते हैं और आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होते ही पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने लगता है। कई स्थानों पर जमीन में दरारें भी दिखाई दे रही हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और भूस्खलन की गति तेज हुई, तो खतरा गांव के और करीब पहुंच सकता है।
ग्राम प्रधान गीता देवी ने बताया कि गैरखेत-लखमारा सड़क के कारण भी क्षेत्र में भूस्खलन की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव का रास्ता और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है। समय रहते सुरक्षा और रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
रास्ता बंद होने से ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और विशेषज्ञों की टीम भेजकर पहाड़ी, गधेरे और आसपास के क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया जाए। साथ ही मलबा हटाने, जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखने और गांव की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इधर, उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल ने बताया कि मामले की जांच के लिए राजस्व पुलिस को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर आगे आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
लगातार दरकती पहाड़ी और गधेरे में गिर रहे मलबे के बीच लखमारा गांव के करीब 70 परिवार फिलहाल आशंकाओं के साये में हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।










