हल्द्वानी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में हल्द्वानी पुलिस को गौरापड़ाव डकैती कांड के खुलासे में एक और बड़ी सफलता मिली है।
पुलिस ने मामले में वांछित एक अन्य अभियुक्त को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से डकैती के दौरान लूटी गई पीली धातु की एक चेन तथा 15 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस इस मामले में पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
गौरतलब है कि 19 अगस्त 2026 की शाम डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र के गौरापड़ाव में 10 से 12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की बड़ी घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए कोतवाली हल्द्वानी से पुलिस बल को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
इसके बाद वादी नारायण दास पुत्र रोशन लाल, निवासी अंबा विहार, तीनपानी हल्द्वानी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि करीब 10 अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने गौरापड़ाव, तीनपानी स्थित उनके कार्यालय और गैराज में घुसकर डकैती की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों द्वारा वादी और वहां मौजूद अन्य लोगों से करीब 8 लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन तथा अंगूठी सहित अन्य कीमती सामान लूट लिया गया।
तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के अंतर्गत 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।
एसएसपी ने बनाई 50 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम
डकैती की गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने मामले के शीघ्र खुलासे और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित की।
विशेष टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी सहित विभिन्न थाना प्रभारियों, एसओजी, साइबर टीम और क्राइम विशेषज्ञों को शामिल किया गया।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने बीम/बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों की भी मदद ली। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और पूरी घटना की समीक्षा की। इसके बाद गठित टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी और सर्विलांस से मिला आरोपियों तक पहुंचने का सुराग

पुलिस टीमों ने सुरागरसी और पतारसी के साथ-साथ वादी एवं गवाहों के बयान लिए। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तथा सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
जांच के दौरान मामले में यश सिडाना, वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू, रखवीर सिंह, अमनदीप सिंह, शिवराज सिंह, अफजल मलिक, साहब सिंह उर्फ साबी तथा गुरवंत सिंह उर्फ गोपी के नाम सामने आए थे। पुलिस इन सभी आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है।
अन्य वांछित आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी दबिश दी जा रही थी।
गलफार गेट चोरगलिया से दबोचा गया आरोपी
पुलिस टीम ने लगातार सुरागरसी, पतारसी, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से मामले में प्रकाश में आए एक अन्य अभियुक्त को 5 सितंबर 2026 को गलफार गेट, चोरगलिया क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरजंट सिंह उर्फ जिन्टा पुत्र दर्शन सिंह, निवासी वार्ड नंबर 8, गणेश मंदिर, थाना सितारगंज, जनपद ऊधमसिंह नगर, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पारदर्शी प्लास्टिक के डिब्बे में रखी पीले रंग की गले की चेन तथा दूसरे डिब्बे से 500-500 रुपये के 30 नोट, कुल 15 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामान को डकैती की घटना से जोड़कर जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान नए तथ्यों के सामने आने पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
गौरापड़ाव डकैती कांड को हल्द्वानी क्षेत्र की बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल माना जा रहा है। पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और लगातार फरार तथा मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश दे रही है।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में गठित विशेष टीम की कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने और लूटी गई शेष संपत्ति की बरामदगी के लिए जांच एवं गिरफ्तारी अभियान लगातार चलाया जा रहा है।




