समान कार्य-समान वेतन और आउटसोर्स प्रथा खत्म करने की मांग
हल्द्वानी/देहरादून। संयुक्त मोर्चा आउटसोर्स कर्मचारी संघ उत्तराखंड ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, निगमों, कॉरपोरेशनों, अर्ध एवं पूर्ण स्वायत्तशासी संस्थानों तथा बैंकों में कार्यरत ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
संघ ने 7 सितंबर 2026 को मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन को 2 सूत्रीय मांग-पत्र भेजकर कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा आउटसोर्स/ठेका प्रथा समाप्त कर उनके भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों एवं संस्थानों में हजारों ठेका, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों से नियमित कर्मचारियों के समान प्रकृति का कार्य लिया जा रहा है और वे पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने अपने मांग-पत्र में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 26 अक्टूबर 2016 के State of Punjab & Others बनाम Jagjit Singh & Others मामले में दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए कहा है कि समान प्रकृति का कार्य करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ मिलना चाहिए। संघ ने सरकार से इस निर्णय को उत्तराखंड में प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की है।
ये हैं संघ की दो प्रमुख मांगें
1. समान कार्य-समान वेतन लागू किया जाए:
संघ ने मांग की है कि राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभागों, निगमों, कॉरपोरेशनों तथा अर्ध एवं पूर्ण स्वायत्तशासी संस्थानों में कार्यरत ठेका, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के 26 अक्टूबर 2016 के निर्णय को उत्तराखंड में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
2. आउटसोर्स/ठेका प्रथा समाप्त कर भविष्य सुरक्षित किया जाए:
संघ ने वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार अथवा नियमितीकरण की स्पष्ट और न्यायसंगत नीति बनाने की मांग की है। संघ का कहना है कि बार-बार एजेंसी और ठेकेदार बदलने की व्यवस्था के कारण कर्मचारियों के सामने नौकरी की असुरक्षा बनी रहती है। इसलिए अनावश्यक रूप से कर्मचारियों को हटाने और एजेंसी बदलने की व्यवस्था पर रोक लगाई जाए।

इसके साथ ही संघ ने कर्मचारियों की सेवा निरंतरता, समय पर वेतन, ईपीएफ, ईएसआई तथा अन्य वैधानिक सेवा लाभ सुनिश्चित किए जाने की मांग भी की है।
संघ ने मांगों पर सरकार से गंभीरता से विचार कर ठोस कार्रवाई की अपील की है। मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मांगों के समर्थन में 21 सितंबर 2026 को सचिवालय कूच रैली प्रस्तावित है।
संयुक्त मोर्चा आउटसोर्स कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मंगलेश लखेड़ा, महामंत्री पान सिंह चिलवाल और कोषाध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि वर्षों से सरकारी तंत्र का हिस्सा बनकर सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मंगेश लखेड़ा जी बैठक का संचालन महामंत्री पान सिंह चिलवाल के नेतृत्व में किया गया ।
बैठक में प्रदेश के समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे संरक्षक प्रथम कुंवर पाल संरक्षक द्वितीय निशा चालान बिष्ट जी कोषाध्यक्ष संजय कुमार जी संगठन मंत्री उमेश चंद्र बिनवाल जी सहित सभी लोग उपस्थित रहे।21 सितम्बर 2026 सचिवालय कूच होगा




