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वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, समस्याओं के समाधान की तय होगी समय-सीमा

 साइबर ठगी से बचने की सलाह, अकेले रहने वाले बुजुर्ग थाने में दर्ज कराएं नाम और मोबाइल नंबर

हल्द्वानी। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सोमवार को नगर निगम सभागार में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ हल करने पर जोर देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक की संयुक्त अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष नवीन वर्मा और अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने की। इस दौरान स्वास्थ्य, समाज कल्याण, नगर निगम, पेयजल, विद्युत, पुलिस समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

उपाध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं और उनके अनुभव तथा योगदान का सम्मान करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बैंकों में प्राथमिकता, सुरक्षित फुटपाथ और सुगम आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।

वहीं अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने विभागवार प्राप्त शिकायतों और मांगों के समाधान के लिए समय-सीमा निर्धारित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने शहर में अपनी सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने बीट पुलिस की नियमित विजिट, पुलिस विभाग में वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित मामलों के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा अकेले रहने वाले बुजुर्गों की विशेष निगरानी की मांग की।

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने, पैदल चलने के लिए सुरक्षित और सुगम फुटपाथ विकसित करने, आवागमन की बेहतर व्यवस्था, सार्वजनिक स्वच्छता और सार्वजनिक शौचालयों की सुविधाओं में सुधार की मांग भी प्रमुखता से उठाई। बुजुर्गों ने जिला प्रशासन स्तर पर भी उनकी समस्याओं के प्रभावी निस्तारण के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने की मांग रखी।

बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो वह बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने विशेष रूप से उन बुजुर्गों से अपील की जिनके बच्चे रोजगार या अन्य कारणों से बाहर रहते हैं और वे घर पर अकेले रहते हैं कि वे अपने संबंधित थाने में अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को उनसे संपर्क करने और आवश्यक सहायता पहुंचाने में आसानी होगी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में वरिष्ठ नागरिक 112 पुलिस हेल्पलाइन के माध्यम से भी तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

बैठक में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, नगर निगम, पेयजल, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभागवार समस्याओं की सूची तैयार कर उनके समाधान की दिशा में समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

बैठक के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मांगों के विभागवार निस्तारण पर नजर रहेगी। वरिष्ठ नागरिकों को उम्मीद है कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई होने से शहर में बुजुर्गों के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण तैयार होगा।

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