पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मूसलाधार और रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण जिले भर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
भूस्खलन और मलबा आने से कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हो गईं, जबकि चीन सीमा से संपर्क लगातार चौथे दिन भी बाधित रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
तवाघाट-गुंजी मार्ग बंद, चीन सीमा से संपर्क चौथे दिन भी भंग
धारचूला क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और भारी मलबा आने से तवाघाट-गुंजी मार्ग चौथे दिन भी बंद रहा। इस मार्ग के बंद होने से चीन सीमा से संपर्क पूरी तरह बाधित बना हुआ है। सीमांत क्षेत्र के लोगों को आवश्यक सामग्री और आवागमन को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धारचूला क्षेत्र के कई अन्य आंतरिक मार्ग भी भूस्खलन और मलबा आने के कारण अवरुद्ध बताए जा रहे हैं। लगातार खराब मौसम के चलते सड़कें खोलने के कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं।
चौकी बैंड के पास चट्टान गिरने से मार्ग तीन घंटे बंद
लगातार वर्षा के बीच अल्मोड़ा-सेराघाट-बेरीनाग मार्ग पर चौकी बैंड के पास पहाड़ी से चट्टान गिर गई। इसके चलते मार्ग लगभग तीन घंटे तक बंद रहा। यह सड़क जनपद की चार तहसीलों को अन्य जिलों और मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सड़क खुलने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे और घाट-पनार मार्ग भी हुए प्रभावित
लगातार बारिश का असर जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी देखने को मिला। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सुबह घाट के पास कुछ समय के लिए बाधित रहा। वहीं, घाट-पनार मार्ग घंटों तक बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में वाहन रास्ते में फंसे रहे।

राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य प्रमुख संपर्क मार्गों के बंद होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। दिल्ली बैंड, सेराघाट और घाट-पनार क्षेत्र में मार्ग बाधित रहने के कारण अखबार, सब्जी और गैस से जुड़े वाहन कुछ समय तक रास्ते में फंसे रहे।
पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग बंद होने से नेपाल सीमा का आवागमन प्रभावित
लगातार बारिश और सड़क अवरोधों के कारण पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग भी प्रभावित रहा। सुबह मार्ग बंद होने से नेपाल सीमा की ओर होने वाला आवागमन बाधित हो गया। सीमा क्षेत्र से जुड़े लोगों और यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा।
हिमपात और बारिश से बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट
ऊंची हिमालयी चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में लगातार हो रही वर्षा के कारण सीमांत जिले में ठंड बढ़ गई है। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को मौसम में अचानक आए बदलाव का सामना करना पड़ रहा है।
बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश सोमवार को भी जारी रही। दोपहर के बाद कुछ समय के लिए बारिश थमी, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन शाम होते ही एक बार फिर रिमझिम वर्षा शुरू हो गई।
इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवा भी हुई बाधित
सोमवार सुबह भारी बारिश का असर दूरसंचार सेवाओं पर भी पड़ा। एयरटेल और बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवाएं कुछ समय के लिए ठप रहीं, जिससे इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रभावित हुई। इससे ऑनलाइन कार्य करने वाले लोगों, कार्यालयों और अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश, भूस्खलन और सड़क अवरोधों ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए बंद मार्गों को जल्द खोलना और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है। मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो सड़क संपर्क और जनजीवन पर इसका असर आगे भी जारी रह सकता है।




