सरकारी सस्ते गल्ले का राशन डीलर चला गया विदेश,तीन महीनों से राशन वितरण ठप,परेशान सैकड़ों कार्डधारकों ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के बाहर किया प्रदर्शन
सोमेश्वर। लोद घाटी क्षेत्र के उत्तरौड़ा घुड़दौड़ा में सरकारी सस्ते गल्ले के राशन डीलर के विदेश चले जाने के कारण उत्पन्न राशन संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार रविवार को सड़क पर दिखाई दिया। पिछले तीन महीनों से राशन वितरण ठप होने से परेशान सैकड़ों कार्डधारकों ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और तत्काल राशन वितरण की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र का राशन डीलर बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के विदेश चला गया, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से उसके स्थान पर किसी दूसरे डीलर अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से राशन वितरण शुरू नहीं कराया गया। इसका खामियाजा क्षेत्र के सैकड़ों राशन कार्डधारकों को भुगतना पड़ा और वे पिछले तीन महीनों से लगातार राशन के लिए भटक रहे थे।
रविवार सुबह ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहन राम और बीडीसी सदस्य हेमंत कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण सस्ते गल्ले की दुकान के बाहर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने विभाग और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि राशन जैसी आवश्यक सुविधा के लिए लोगों को महीनों तक इंतजार कराना प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है।
ग्रामीणों का कहना था कि डीलर के विदेश जाने की जानकारी होने के बावजूद समय रहते वैकल्पिक राशन वितरण की व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते गरीब और जरूरतमंद परिवारों के साथ-साथ अन्य पात्र कार्डधारकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की व्यवस्थाओं में कमी के कारण आम लोगों को उनके हक के राशन से वंचित होना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने दिया आंदोलन को समर्थन
ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू भट्ट भी मौके पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने भाजपा सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीन महीने तक लोगों को राशन न मिलना गंभीर प्रशासनिक विफलता है।
राजू भट्ट ने खाद्य आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर तत्काल राशन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राशन डीलर के अनुपस्थित रहने की स्थिति में विभाग को पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, ताकि किसी भी परिवार को आवश्यक खाद्यान्न से वंचित न होना पड़े।
दबाव के बाद विभाग ने भेजा दो महीने का राशन
ग्रामीणों के धरने और जनप्रतिनिधियों के बढ़ते दबाव के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग हरकत में आया। विभाग की ओर से मौके पर दो महीने का राशन उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद ग्रामीणों को कुछ राहत मिली।
अधिकारियों ने जल्द ही राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करने का आश्वासन दिया। आश्वासन और दो महीने का राशन मिलने के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में राशन वितरण में फिर से किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नियमित व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
क्षेत्रवासियों ने खाद्य आपूर्ति विभाग से स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी एक डीलर के अनुपस्थित होने से सैकड़ों परिवारों को राशन संकट का सामना न करना पड़े।




