उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला सम्मान, डीएसबी परिसर के जंतु विज्ञान के पूर्व छात्र रहे हैं प्रो. बिष्ट
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने एसआरजे विश्वविद्यालय तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति एवं शिक्षाविद् प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट को प्रतिष्ठित भारत गौरव पुरस्कार-2026 से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
प्रो. बिष्ट को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है।
कूटा ने कहा कि प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट का शिक्षा एवं अकादमिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके नेतृत्व, शैक्षणिक अनुभव और उच्च शिक्षा के प्रति समर्पण ने उन्हें शिक्षा जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई है।
भारत गौरव पुरस्कार-2026 से सम्मानित होना न केवल प्रो. बिष्ट की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि कुमाऊं विश्वविद्यालय परिवार के लिए भी गौरव का विषय है।
प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट कुमाऊं विश्वविद्यालय के एलुमनी भी हैं। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर, नैनीताल में जंतु विज्ञान विषय से शिक्षा प्राप्त की है।
ऐसे में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से सम्मानित होना विश्वविद्यालय के लिए विशेष उपलब्धि माना जा रहा है।
कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि प्रो. बिष्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और समर्पण के माध्यम से उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि उनका यह सम्मान विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए भी प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर कूटा अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी के साथ डॉ. नीलू लोधियाल, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी और डॉ. अशोक कुमार सहित एलुमनी सेल के डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. एस.एस. सामंत, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे और डॉ. रितेश साह ने प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट को भारत गौरव पुरस्कार मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कूटा पदाधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रो. बिष्ट उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी इसी प्रकार महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे और अपने अनुभव एवं नेतृत्व से विश्वविद्यालयों को नई दिशा प्रदान करेंगे।





