नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पानी से फैल रहे जलजनित रोगों के कारण दो लोगों की मौत और सैकड़ों ग्रामीणों के बीमार होने के बाद भी संक्रमण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण नहीं होने से क्षेत्रवासियों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया।

ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने ज्योलीकोट बाजार में एकत्र होकर जल संस्थान और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जिम्मेदार विभागों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। सभा में जलजनित संक्रमण के कारण जान गंवाने वाली महिला और छात्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। लोगों ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
मंगलवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जेन जी युवा कार्तिकेय चोपड़ा के आह्वान पर ज्योलीकोट बाजार में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि एकत्र हुए। इस दौरान युवाओं ने जल संस्थान के साथ ही पूरे सिस्टम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और क्षेत्र में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की मांग उठाई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले करीब दो माह से क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या बनी हुई है और लगातार लोग बीमार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग को समय रहते स्थिति से अवगत कराया गया था, लेकिन गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि दो मौतें होने और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बीमार पड़ने के बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं।
सभा में क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को हल्द्वानी का रुख करना पड़ रहा है। इससे बीमार लोगों और उनके परिजनों को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने जेन जी युवाओं की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब क्षेत्रवासियों को अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारियों को स्वयं प्रभावित क्षेत्र में आकर जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर कमिश्नर, जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाने के लिए आंदोलन करेंगे।
बीडीसी सदस्य हिमांशु पांडे ने शासन-प्रशासन पर मामले में गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पूरे क्षेत्र को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलता और क्षेत्र में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
सभा का संचालन कैलाश जोशी ने किया। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू, जेन जी की प्रियंका बर्गली, अंशिका, समर्थ, समृद्धि, सानिया, रोशनी, वैष्णवी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
इसके अलावा सुनीता, पूर्णिमा, कल्पना, सीमा, मैरी, पुष्पा, कविता, सरिता, गीता, मंजू, विद्या, ममता बर्गली, जया बर्गली, तन्मय भंडारी, मयंक, अंशुल जोशी, दीपक, सागर, सराज आलम, हरीश बिष्ट, हिमांशु पांडे, नवल कुमार, मनोज बर्गली, राजेंद्र कोटलिया, हेम आर्या, रामदत्त चनियाल, जीवन चंद्र, मनोज चनियाल सहित अन्य ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, बीमार लोगों को समुचित उपचार नहीं मिला और मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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