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हल्द्वानी : काठगोदाम-हैड़ाखान-खनश्यू मार्ग पर बड़ा भूस्खलन, दो दिन बाद भी नहीं खुला रास्ता; 200 गांवों का संपर्क प्रभावित,राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने की युद्धस्तर पर सड़क खोलने की मांगलालकुआं में आवारा पशुओं का आतंक, मुख्य बाजार से गली-मोहल्लों तक खतरा; जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवालहल्द्वानी नगर निगम की नई पहल: चौपाटी-फूड प्लाजा से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा, ‘हल्द्वानी रील प्रतियोगिता 2026’ का ऐलानदर्दनाक सड़क हादसा: स्कूटी स्कवर में गिरी, महिला की मौके पर मौत; पति गंभीर घायलहल्द्वानी में पति-पत्नी के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पत्नी ने पति की जांघ में घोंपा चाकू; अस्पताल पहुंचकर बोली-‘सॉरी’, फिर हुआ समझौता

काठगोदाम-हैड़ाखान-खनश्यू मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात ठप

जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा; दलदल में तब्दील सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल

हल्द्वानी। लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश के बीच काठगोदाम-हैड़ाखान-खनश्यू मोटर मार्ग पर किलोमीटर संख्या 19 के पास हुए बड़े भूस्खलन के कारण मार्ग पिछले दो दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है।

पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ जाने के कारण दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।

भूस्खलन इतना बड़ा है कि सड़क पर जमा मलबा हटाने में मशीनों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाने का काम चल रहा है, लेकिन भारी मात्रा और लगातार बारिश के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं।

बारिश के कारण सड़क का प्रभावित हिस्सा कई जगह दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।

करीब 200 गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग बंद

काठगोदाम-हैड़ाखान-खनश्यू मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस सड़क के बंद होने से करीब 200 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रीठा साहिब, चंपावत और ओखलकांडा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।

बारिश ने सड़क को बनाया दलदल

स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मार्ग के कई हिस्सों की स्थिति पहले से ही खराब है। कई जगह सड़क पर पानी और कीचड़ जमा है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क धंसने का खतरा भी बना हुआ है। भूस्खलन वाले स्थान पर बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने से पैदल आवाजाही तक मुश्किल हो गई है।

लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से दोबारा मलबा और पत्थर गिरने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में सड़क खोलने का काम भी जोखिम के बीच किया जा रहा है।

मलबा हटाने में जुटी मशीनें

 लोक निर्माण विभाग की मशीनें और डंपर मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटे हैं। भूस्खलन बड़ा होने के कारण सड़क को पूरी तरह साफ करने में समय लग रहा है। विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि मौसम में सुधार होते ही काम को और तेज कर यातायात जल्द बहाल किया जाए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री राम सिंह कैड़ा की ओर से भी मार्ग को जल्द खोलने के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और सड़क बहाली के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने की युद्धस्तर पर सड़क खोलने की मांग

राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सड़क खोलने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग बड़ी संख्या में ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा है और इसके लंबे समय तक बंद रहने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अतिरिक्त मशीनरी और संसाधन लगाकर जल्द से जल्द मलबा हटाया जाए तथा मार्ग को सुरक्षित तरीके से यातायात के लिए खोला जाए।

लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत की मांग की

मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बंद होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क खोलने के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

फिलहाल काठगोदाम-हैड़ाखान-खनश्यू मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद है और मलबा हटाने का काम जारी है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने और यातायात बहाल होने तक इस रास्ते से आवागमन न करें। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने और यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

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