विशालकाय हाथी से भिड़ी बोलेरो, कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त,घबराकर हाईवे पर ही कार छोड़कर भागा चालक
लालकुआं। नगला बाईपास और लालकुआं के बीच टांडा जंगल क्षेत्र में मंगलवार रात उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब करीब एक दर्जन हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर सीधे हाईवे पर पहुंच गया। हाथियों के सड़क पर आने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक वाहन चालक सहमे हुए खड़े रहे।
इसी दौरान रुद्रपुर से लालकुआं की ओर आ रही एक बोलेरो कार की हाईवे पर मौजूद एक विशालकाय हाथी से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि टक्कर के बाद हाथी के भी घायल होने की सूचना है। विशालकाय हाथी को सामने देखकर कार चालक इतना घबरा गया कि वह क्षतिग्रस्त वाहन को हाईवे पर ही छोड़कर मौके से भाग निकला।
रात 8:30 से 9 बजे के बीच हाईवे पर पहुंचा झुंड
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच टांडा जंगल से करीब एक दर्जन हाथियों का झुंड निकलकर नगला बाईपास और लालकुआं के बीच हाईवे पर पहुंच गया। अचानक सड़क पर हाथियों को देखकर दोनों दिशाओं से आ रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक दिए।
हाथियों का झुंड काफी देर तक हाईवे और सड़क किनारे घूमता रहा। बताया गया कि झुंड कभी सड़क पार कर सीमैप दवाई फार्म की ओर चला जाता और कुछ समय बाद फिर टांडा जंगल की दिशा में लौट आता। हाथियों की लगातार आवाजाही के चलते हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।
इसी दौरान रुद्रपुर की ओर से लालकुआं आ रही एक बोलेरो कार अचानक हाईवे पर पहुंचे विशालकाय हाथी से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार बताई जा रही है कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में हाथी को भी चोट लगी। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद घायल हाथी लंगड़ाते हुए टांडा जंगल की ओर चला गया। हाथियों के झुंड और घायल हाथी को देखकर आसपास मौजूद वाहन चालकों में भी दहशत फैल गई।
अचानक सामने विशालकाय हाथी को देखकर बोलेरो चालक घबरा गया और अपनी कार को हाईवे पर ही छोड़कर मौके से भाग निकला। क्षतिग्रस्त बोलेरो काफी देर तक सड़क किनारे खड़ी रही।
बताया गया कि हाथियों का झुंड करीब पांच घंटे तक क्षेत्र में सक्रिय रहा। जब देर रात हाथियों का झुंड हाईवे और आसपास के इलाके से हटकर जंगल की ओर चला गया, तब चालक वापस मौके पर पहुंचा और किसी तरह क्षतिग्रस्त बोलेरो को वहां से लेकर गया।

देर रात तक सहमे रहे वाहन चालक
हाथियों की मौजूदगी के कारण देर रात तक हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालक बेहद सावधानी के साथ धीमी गति में निकलते रहे। कई वाहन चालक हाथियों के पूरी तरह जंगल की ओर जाने का इंतजार करते रहे।
इस घटना ने एक बार फिर लालकुआं और टांडा जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष की चिंता को सामने ला दिया है। हाईवे और जंगल की सीमा से लगे क्षेत्रों में हाथियों की लगातार आवाजाही वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
ऐसे में वन विभाग और संबंधित एजेंसियों द्वारा हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी और वाहन चालकों को समय पर सतर्क करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।




