कलयुगी पिता की साजिश: पत्नी से नाराज होकर अपने ही साढ़े तीन साल के बेटे का कराया ‘अपहरण’
38 कॉल और CCTV ने खोला राज, पत्नी को बुलाने के लिए बेटे को दोस्त संग उत्तराखंड भेज बैठा पिता
बिलासपुर। पत्नी के मायके चले जाने से नाराज एक व्यक्ति ने उसे वापस बुलाने और ससुराल पक्ष को फंसाने के लिए अपने ही साढ़े तीन वर्षीय मासूम बेटे के अपहरण का षड्यंत्र रच डाला। योजना को असली दिखाने के लिए उसने बेटे को अपने दोस्त के साथ उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज भेज दिया और बाद में पुलिस को बच्चे के अपहरण की सूचना दे दी।
हालांकि, आरोपी की चालाकी पुलिस की जांच के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस को पिता की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। गुरुवार को सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने सितारगंज से मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है और उसके पिता विकास कुमार तथा उसके दोस्त शंभू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उत्तराखंड के नंबर पर 38 कॉल ने बढ़ाया शक
पुलिस जांच के दौरान विकास की गतिविधियां लगातार संदेह के घेरे में आती गईं। सर्विलांस में सामने आया कि विकास की उत्तराखंड के एक मोबाइल नंबर पर दिनभर में करीब 38 बार बातचीत हुई थी। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में भी पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले।
तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर पुलिस ने विकास से पूछताछ की तो शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने स्वीकार कर लिया कि उसने पत्नी को मायके से वापस बुलाने और उसके परिवार वालों को फंसाने के उद्देश्य से बेटे के अपहरण का नाटक रचा था।
प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह के अनुसार, पुलिस टीम ने उत्तराखंड के सितारगंज स्थित एक मकान से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में आरोपी पिता विकास और उसके दोस्त शंभू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की बाइक और विकास का हेलमेट भी बरामद कर लिया है।
19 साल पहले की थी पहली शादी
संत कालोनी निवासी विकास कुमार एक नामी कंपनी के दूध की सप्लाई का काम करता है। बताया गया कि उसने करीब 19 वर्ष पहले अपनी पहली शादी की थी। पहली पत्नी से उसका एक 18 वर्षीय बेटा और 16 वर्षीय बेटी हैं।

इसके बाद वर्ष 2016 में विकास ने बिलासपुर निवासी तरन्नुम से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद तरन्नुम का नाम विनीता बताया गया। दोनों का साढ़े तीन वर्षीय बेटा कार्तिक है।
परिवार में आर्थिक खर्चों को लेकर दोनों पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि शराब के नशे में विकास आए दिन पत्नी विनीता के साथ मारपीट करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर विनीता 20 अगस्त को बिना बताए अपने मायके चली गई थी।
पत्नी की गुमशुदगी भी दर्ज कराई
पत्नी के घर से चले जाने के अगले दिन यानी 21 अगस्त को विकास ने उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। बाद में जब उसे पता चला कि विनीता अपने मायके में है तो वह उसे लेने वहां पहुंचा।
बताया जा रहा है कि मायके पक्ष ने उसे कथित रूप से बेइज्जत कर वापस भेज दिया। इसके बाद विकास ने पत्नी को किसी भी तरह वापस बुलाने और उसके मायके वालों को एक गंभीर मामले में फंसाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने दोस्त शंभू को भी साजिश में शामिल कर लिया।
बिना नंबर की बाइक से सितारगंज भेजा गया कार्तिक
योजना को अंजाम देने के लिए विकास ने बाइक की नंबर प्लेट हटवा दी। ताकि रास्ते में वाहन की पहचान न हो सके। बच्चे को ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान छिपाने के लिए विकास ने अपना हेलमेट भी दोस्त शंभू को दे दिया।
पुलिस के अनुसार, पांच सितंबर की शाम कार्तिक को बिस्किट लेने के बहाने पास की दुकान की ओर भेजा गया। इसी दौरान रास्ते में शंभू ने उसे बहाने से बाइक पर बैठाया और उत्तराखंड के सितारगंज ले गया।
उधर, विकास ने बच्चे के लापता होने और अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को पिता की भूमिका संदिग्ध लगने लगी।
पांच दिन बाद बेटे को देख फूट-फूट कर रोई मां
जब पुलिस टीम मासूम कार्तिक को उत्तराखंड के सितारगंज से सकुशल बरामद कर बिलासपुर लेकर पहुंची तो माहौल बेहद भावुक हो गया। पिछले पांच दिनों से अपने बेटे की चिंता में परेशान मां विनीता उर्फ तरन्नुम कार्तिक को देखते ही फूट-फूट कर रो पड़ी।
उसने अपने जिगर के टुकड़े को तुरंत गले से लगा लिया। मां और बेटे के मिलन का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
लेकिन जब पुलिस ने यह खुलासा किया कि बच्चे के अपहरण की पूरी साजिश उसके अपने पिता ने ही रची थी, तो हर कोई हैरान रह गया। जिस पिता पर बच्चे की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी थी, उसी ने पारिवारिक विवाद और पत्नी को वापस बुलाने की कोशिश में अपने मासूम बेटे को कथित तौर पर साजिश का मोहरा बना दिया।
फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि पांच दिन तक अपने परिवार से दूर रहने के बाद मासूम कार्तिक अब अपनी मां की गोद में सुरक्षित है।




