स्वास्थ्य शिविरों में 163 लोगों की जांच, पीएचसी में 98 मरीजों का परीक्षण; 65 ब्लड और 4 पानी के सैंपल लिए गए
नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और प्रभावित लोगों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी सक्रियता के साथ जुटा हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर प्रभावित गांवों और क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। घर-घर सर्वेक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त एवं पेयजल की सैंपलिंग, दवा वितरण और जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में आज 163 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 98 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें से आवश्यकता के अनुसार 13 मरीजों को भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया गया।
घर-घर सैंपलिंग, 65 ब्लड और 4 पानी के नमूने लिए गए
जिलाधिकारी के सहयोग से उपलब्ध कराई गई रैपिड किट के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य जांच और सैंपलिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 65 लोगों के ब्लड सैंपल लिए हैं। वहीं पेयजल की गुणवत्ता की जांच और जल जनित रोगों के संभावित स्रोत का पता लगाने के लिए पानी के 4 सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं।
इसके साथ ही सचल चिकित्सा वाहन के माध्यम से भी प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। सचल चिकित्सा वाहन द्वारा 43 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक दवाएं वितरित की गईं।
ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां बांटकर किया जा रहा बचाव
जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को ओआरएस, जिंक एवं क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मी लोगों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, पानी को सुरक्षित रखने, व्यक्तिगत स्वच्छता और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के संबंध में भी जागरूक कर रहे हैं।
ज्योलिकोट पीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी ओपीडी सेवाएं

मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में 11 सितंबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विशेष ओपीडी सेवाएं प्रदान की गईं। साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं बृजलाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मुकेश कुमार ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जल जनित रोगों से प्रभावित मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया।
12 सितंबर को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की विशेष ओपीडी
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 12 सितंबर 2026 को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में विशेष ओपीडी की व्यवस्था की है। इस दौरान सिटी नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर, हल्द्वानी के वरिष्ठ एम.डी. फिजीशियन डॉ. जे.सी. भंडारी और उनकी टीम मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि जल जनित रोगों के किसी भी लक्षण की स्थिति में लापरवाही न बरतें और उपलब्ध कराई जा रही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
गांजा से भल्यूटी-चोपड़ा तक लगातार लग रहे स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट एवं भल्यूटी-चोपड़ा सहित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाओं का वितरण तथा जल जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लें और नियमित निगरानी बनाए रखें। किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बी.डी. पांडे और बेस अस्पताल में बेहतर उपचार के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल और बेस चिकित्सालय हल्द्वानी को भी जल जनित रोगों से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि उपचार अथवा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मरीज अथवा उनके परिजन सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की लगातार निगरानी, घर-घर सर्वे, सैंपलिंग, स्वास्थ्य शिविरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं के माध्यम से ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विभाग का फोकस बीमारी की समय पर पहचान, तत्काल उपचार और संक्रमण को फैलने से रोकने पर बना हुआ है।




