रिपोर्टर : गोविन्द राना
मुनस्यारी। नन्दा भगवती की पवित्र राजजात यात्रा में शामिल हुए श्रद्धालु शुक्रवार को ब्रह्म कमल लेकर सकुशल डोर भगवती मंदिर पहुंचे। यात्रा से लौटे भक्तों के मंदिर पहुंचने पर क्षेत्र में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बन गया। श्रद्धालु रातभर माता नन्दा भगवती की पूजा-अर्चना और भक्ति कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
राजजात यात्रा में गांव के कुल 86 भक्तगण शामिल हुए थे। सभी यात्री सकुशल वापस लौटे और मंदिर पहुंचकर माता के चरणों में ब्रह्म कमल अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान प्राप्त आध्यात्मिक अनुभवों को साझा करते हुए माता नन्दा भगवती से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मंदिर में मुख्य पुजारी दीवान सिंह, पूरन सिंह, मदन सिंह और नेत्र सिंह के नेतृत्व में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। रातभर मंदिर परिसर में चांचरी और झोड़ा गायन का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीण भक्तों ने पारंपरिक लोकगीतों और भक्ति गीतों के माध्यम से माता का गुणगान किया। देर रात तक मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
श्रद्धालुओं के अनुसार नन्दा भगवती की राजजात यात्रा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है। यात्रा से लौटकर ब्रह्म कमल के साथ माता के मंदिर पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय रहा।
शनिवार को पूजा-अर्चना के बाद नन्दा विसर्जन के साथ मेले का विधिवत समापन किया जाएगा।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है। मेले के समापन के साथ ही नन्दा भगवती की राजजात यात्रा से जुड़ा धार्मिक आयोजन भी पूर्ण हो जाएगा।

























