भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ नैनीताल, सुबह विधि-विधान से पूजन के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा मां का दरबार
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत मां नंदा-सुनंदा अपने भव्य दरबार में विराजमान हो गई हैं। मां की भव्य प्रतिमाओं के दरबार में विराजमान होने के साथ ही मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। देर शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में पहुंचते रहे।
मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार दरबार में स्थापित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मां के दरबार को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक वातावरण तैयार किया गया है।
आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के बाद मां का दरबार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद भक्त मां नंदा-सुनंदा के दर्शन कर पूजा-अर्चना और आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
मां नंदा-सुनंदा को कुमाऊं की आराध्य देवी के रूप में विशेष श्रद्धा प्राप्त है। नैनीताल में आयोजित यह महोत्सव कुमाऊं की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। महोत्सव के दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए नैनीताल पहुंचते हैं।
मां के दरबार में विराजमान होने के साथ ही नैनीताल में महोत्सव का धार्मिक उल्लास और बढ़ गया है।
सुबह प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होने के साथ मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही रहने की संभावना है।
श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा से परिवार और समाज की सुख-शांति, समृद्धि तथा क्षेत्र के मंगल की प्रार्थना करेंगे।

























