नैनीताल। श्री नन्दा देवी महोत्सव के तहत रविवार को विश्वशांति, सुख-समृद्धि और वातावरण की शुद्धि की कामना को लेकर विधि-विधान से हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।
दुर्गा सप्तशती के पाठ के पश्चात हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दी गईं। श्रद्धालुओं ने घी, हवन सामग्री, फल, शहद तथा लकड़ी सहित विभिन्न प्रकृति उत्पादों को पवित्र अग्नि में समर्पित कर मां नन्दा-सुनंदा की आराधना की।
हवन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हवन-यज्ञ के माध्यम से वातावरण की शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा का संचार और मानसिक शांति की कामना की जाती है। श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति, क्षेत्र की खुशहाली तथा सभी के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
इस अवसर पर पंडित भगवत प्रसाद जोशी ने बताया कि नन्दा देवी महोत्सव में हवन-यज्ञ की परंपरा वर्ष 1988 से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि जब वह समिति के उपसचिव थे, तब उनके प्रयासों से हवन-यज्ञ कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इसके बाद से यह धार्मिक अनुष्ठान लगातार महोत्सव का हिस्सा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में श्रद्धालुओं की आस्था निरंतर बनी हुई है।
हवन-यज्ञ के बाद कन्या पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह से ही मां नन्दा देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। भक्तों ने मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। हवन-यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान पंडित भगवत प्रसाद जोशी तथा पंडित घनश्याम जोशी द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराए गए।
हवन-पूजन में यजमान के रूप में राकेश वर्मा, रश्मि वर्मा, नारायण लाल वर्मा, हर्ष वर्धन, कनिष्क भंडारी, रेनू भंडारी एवं पुष्प भंडारी ने भाग लिया। सभी यजमानों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां नन्दा-सुनंदा से क्षेत्र और प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मंदिर व्यवस्था में मां नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट का विशेष सहयोग रहा। व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मुकेश जोशी, कमलेश ढौंडियाल, भीम सिंह कार्की, धर्मेंद्र शर्मा, केदार सिंह राठौर, के.एस. कार्की, वीरू मेहरा, शिखर गुंबर, शंभू सिंह सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।
महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा।




























