हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की कार्रवाई, रिश्वतखोरी मामले का फरार CGST एडिशनल कमिश्नर गिरफ्तार
1.50 करोड़ की रिश्वत मांगने से 40 लाख में सौदा!
ऋषिकेश। भ्रष्टाचार के एक चर्चित मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे CGST के एडिशनल कमिश्नर को ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर रायगढ़ स्थित एक फर्म से जुड़े मामले में कथित तौर पर अवैध रिश्वत मांगने और रकम लेने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। CBI ने इस मामले में 26 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
1.50 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप
CBI के अनुसार, एजेंसी को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि CGST के एक अधीक्षक ने कारोबारी से करीब 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में कथित तौर पर बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 40 लाख रुपये में तय हुई।
शिकायत के आधार पर CBI ने 27 अगस्त को ट्रैप कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान एक निजी व्यक्ति और कस्टम्स हाउस एजेंट को कथित तौर पर 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह रकम CGST अधीक्षक और एडिशनल कमिश्नर के लिए ली जा रही थी।
विशेष CBI अदालत ने गिरफ्तारी को माना था अवैध
ट्रैप कार्रवाई के बाद गिरफ्तार तीनों आरोपियों को ठाणे की विशेष CBI अदालत में पेश किया गया था। CBI ने आरोपियों से पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी, लेकिन 28 अगस्त को विशेष अदालत ने CBI की हिरासत की मांग खारिज कर दी थी।
विशेष अदालत ने आरोपियों की गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था। इसके बाद CBI ने विशेष अदालत के इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने पलटा विशेष अदालत का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद 16 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका मंजूर कर ली। हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के आदेश को रद्द करते हुए आरोपियों को दो दिन की CBI हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के दौरान यह भी माना कि आरोपियों को उनकी गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में बताए गए थे। इसके अलावा संबंधित परिजनों और वकीलों को भी गिरफ्तारी की सूचना दिए जाने की बात रिकॉर्ड में सामने आई।
दो आरोपी न्यायिक हिरासत में, एडिशनल कमिश्नर था फरार
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने CGST अधीक्षक और निजी व्यक्ति को दो दिन की हिरासत में लेकर पूछताछ की। हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
वहीं, इस मामले में आरोपी CGST एडिशनल कमिश्नर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद गिरफ्तारी से बच रहा था। CBI ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। जांच के दौरान एजेंसी ने उसे ऋषिकेश में ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
CBI अब आरोपी एडिशनल कमिश्नर के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले में रिश्वत की रकम, कथित साजिश और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।





































