हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव बना जंग का अखाड़ा, छात्रों के गुटों में खूनी संघर्ष और तोड़फोड़, पांच घायल
पनचक्की चौराहे से जगदंबा नगर तक मचा हंगामा, दुकानों में तोड़फोड़ और स्थानीय लोगों से मारपीट का आरोप; पुलिस पहुंची तो फरार मिले दोनों गुट
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव का माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है। बुधवार देर रात पनचक्की चौराहे से लेकर जगदंबा नगर क्षेत्र तक छात्रसंघ चुनाव से जुड़े दो गुटों के समर्थकों के बीच जमकर बवाल हुआ। दोनों पक्षों के बीच पहले हाथापाई हुई और इसके बाद मामला लाठी-डंडों तथा पथराव तक पहुंच गया। घटना के दौरान आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और राहगीर अपनी जान बचाकर भागते नजर आए।
जानकारी के अनुसार, छात्रसंघ के एक पद से जुड़े दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच पनचक्की चौराहे के पास किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक गुट दूसरे पर भारी पड़ा। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी अपने साथियों को लेकर जगदंबा नगर की ओर पहुंच गए।
जगदंबा नगर में जमकर चले लाठी-डंडे और पत्थर
जगदंबा नगर के पास दोनों गुट आमने-सामने आ गए। इसके बाद देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने के साथ ही पथराव भी हुआ। सड़क से गुजर रहे लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मौके से हटकर अपनी जान बचाई।
आरोप है कि बवाल के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ भी की। दिल्ली चाट भंडार रेस्टोरेंट और नजदीकी कॉम्प्लेक्स से जुड़ी दुकानों को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कुछ लोगों ने युवकों को समझाने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई।
करीब पांच लोगों के घायल होने की जानकारी
घटना में करीब पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि पुलिस स्तर से होना बाकी है। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस पहुंची, तब तक फरार हो चुके थे दोनों गुट
घटना की सूचना मिलने के बाद चौकी इंचार्ज कृपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों से जुड़े युवक मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और घटना में शामिल युवकों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि छात्रों के गुटों के बीच अक्सर विवाद की सूचनाएं सामने आती हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक कोई भी मौके पर नहीं मिला। अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर लगातार बढ़ रहा तनाव
एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के प्रचार का दौर शुरू होने के बाद से ही परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में छात्र गुटों के बीच विवाद की घटनाएं सामने आने लगी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनावी गतिविधियों के दौरान कई बार सड़क और कॉलोनी क्षेत्र में भी हंगामे की स्थिति बनती है।
बुधवार रात हुई घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने एबीवीपी कार्यालय बंद कराने की उठाई मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। कुछ लोगों ने क्षेत्र में स्थित एबीवीपी कार्यालय को बंद कराने की मांग उठाई। उनका आरोप है कि चुनावी मौसम में ही नहीं, बल्कि अन्य समय में भी छात्र गुटों के बीच विवाद के कारण कॉलोनी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्र राजनीति का असर अब आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से क्षेत्र में प्रभावी निगरानी तथा उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘खाकी की कमजोरी से बढ़ रहा अराजकता का साहस’
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान पुलिस की ओर से सख्ती बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
लोगों का कहना है कि यदि छात्र गुटों के बीच होने वाले विवादों पर शुरुआती स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई की जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है। उनका सवाल है कि यदि इसी तरह खुलेआम लाठी-डंडे और पत्थर चलने की घटनाएं जारी रहीं तो किसी दिन बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पुलिस ने मामले में अराजक तत्वों की पहचान शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।





































