कुमाऊँ विश्वविद्यालय प्लेसमेंट सेल की बैठक सलाहकार के साथ संपन्न
प्लेसमेंट सेल की बैठक में बनी रणनीति, बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मिल सकते हैं प्री-प्लेसमेंट ऑफर
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के प्लेसमेंट सेल को अधिक प्रभावी बनाने और विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में प्लेसमेंट सेल के सदस्यों ने लोकसभा सचिवालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के उप सचिव एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय प्लेसमेंट सेल के सलाहकार डॉ. मोहित राजन के साथ नैनीताल में बैठक की।
बैठक में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुभव उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अल्पकालिक स्तर पर प्लेसमेंट सेल का प्रमुख फोकस विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने पर रहेगा।
प्लेसमेंट सेल की ओर से बताया गया कि इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को संबंधित क्षेत्र में काम करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। इससे उन्हें उद्योग जगत की कार्यप्रणाली, कार्य संस्कृति, पेशेवर जिम्मेदारियों और आवश्यक कौशल को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक जानकारी को व्यावहारिक कार्यक्षेत्र में लागू करने का अवसर भी मिलेगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों के प्रदर्शन को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संबंधित संस्थानों की ओर से प्री-प्लेसमेंट ऑफर (पीपीओ) मिलने की संभावना रहेगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों से जोड़ना और विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
बैठक में प्लेसमेंट सेल की गतिविधियों को उद्योग एवं विभिन्न संस्थानों की आवश्यकताओं से जोड़ने, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा रोजगारपरक अवसरों को बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में प्लेसमेंट सेल की ओर से प्रो. (डॉ.) गीता तिवारी, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. गिबू साबू एम., डॉ. गिरीश सी. खड़कवाल, डॉ. राशि मिगलानी तथा प्रो. (डॉ.) महेंद्र राणा उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल की यह पहल विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक अनुभव और भविष्य के रोजगार अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





































