रामनगर नगर पालिका के कार्यों की जाँच हेतु जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने किया जाँच समिति का गठन
कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत द्वारा दिए निर्देशों के क्रम में किया गया समिति का गठन
हल्द्वानी के प्लास्टिक प्लांट के बंद होने की सूचना के बीच कूड़े और सिंगल यूज प्लास्टिक के निस्तारण की होगी जांच, रसायनों के स्टॉक और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी जांच के दायरे में
रामनगर/हल्द्वानी। रामनगर नगर पालिका परिषद की ओर से कूड़े और सिंगल यूज प्लास्टिक के निस्तारण के लिए हल्द्वानी स्थित झील विकास प्राधिकरण के प्लास्टिक प्लांट का उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उक्त प्लांट के वर्तमान में क्रियाशील नहीं होने की सूचना के मद्देनजर कूड़े के निस्तारण की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए जांच समिति का गठन किया गया है।
जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी रामनगर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। समिति में उप कोषाधिकारी, रामनगर को सदस्य बनाया गया है। समिति को कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की भी जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कूड़े और प्लास्टिक के निस्तारण की होगी पड़ताल
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि नगर पालिका परिषद रामनगर की ओर से कूड़े और सिंगल यूज प्लास्टिक के निस्तारण के लिए हल्द्वानी स्थित झील विकास प्राधिकरण के प्लास्टिक प्लांट का उपयोग किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उक्त प्लांट के वर्तमान में क्रियाशील नहीं होने की सूचना प्राप्त हुई है।
ऐसे में यह पता लगाना आवश्यक है कि नगर पालिका परिषद रामनगर वर्तमान में कूड़े और सिंगल यूज प्लास्टिक का निस्तारण कहां और किस प्रकार कर रही है। जांच समिति इस संबंध में अभिलेखों की जांच करने के साथ ही मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का भी परीक्षण करेगी।
ब्लीचिंग पाउडर और अन्य रसायनों के स्टॉक की होगी जांच
जांच के दायरे में नगर पालिका परिषद रामनगर में ब्लीचिंग पाउडर, डीबीटी और अन्य आवश्यक रसायनों के चालू वित्तीय वर्ष के स्टॉक, खरीद और स्टॉक रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की भी जांच की जाएगी।
समिति यह सुनिश्चित करेगी कि रसायनों की खरीद, भंडारण और उनके रिकॉर्ड का रखरखाव नियमानुसार किया जा रहा है या नहीं। इसके साथ ही उपलब्ध अभिलेखों और वास्तविक स्टॉक का परीक्षण भी किया जाएगा।
कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी जांच के दायरे में
जांच समिति नगर पालिका परिषद रामनगर के कार्मिकों और पर्यावरण मित्रों की उपस्थिति व्यवस्था की भी पड़ताल करेगी। शासन की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज किए जाने की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा।
इसके तहत उपस्थिति से संबंधित अभिलेखों और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच कर निर्धारित नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
15 दिन में जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपनी होगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने जांच समिति को निर्देश दिए हैं कि वह सभी निर्धारित बिंदुओं पर अभिलेखीय और स्थलीय परीक्षण करते हुए तथ्यात्मक, स्पष्ट और बिंदुवार जांच आख्या तैयार करे।
समिति को समस्त साक्ष्यों और संबंधित अभिलेखों सहित अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
इस जांच के माध्यम से रामनगर नगर पालिका की कूड़ा निस्तारण व्यवस्था, आवश्यक रसायनों के स्टॉक और कर्मचारियों की उपस्थिति से जुड़ी वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। साथ ही पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से संबंधित पहलुओं का भी आकलन किया जाएगा।





































