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09 महार रेजिमेंट का 64वां स्थापना दिवस मनाया, रेजीमेंट की अदम्य साहस के रूप में है पहचान

हल्द्वानी। 09 महार रेजिमेंट का 64वां स्थापना दिवस गुरुवार को हल्द्वानी में धूमधाम और गौरवपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास, अदम्य साहस और देश सेवा में दिए गए योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों ने रेजिमेंट के शहीदों और वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।

09 महार रेजिमेंट की स्थापना 1 अक्टूबर 1962 को मध्य प्रदेश के सागर में हुई थी। स्थापना के शुरुआती दौर में इस यूनिट की पहचान मशीन गन यूनिट के रूप में थी। स्थापना के बाद से ही रेजिमेंट ने भारतीय सेना के विभिन्न अभियानों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल कायम की।

1965 के युद्ध में दिखाया अदम्य साहस

रेजिमेंट के इतिहास में 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। युद्ध के दौरान 3 और 4 सितंबर की रात 09 महार रेजिमेंट के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के जोड़ियां और कलित क्षेत्र में दुश्मन के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया। जवानों ने दुश्मन की आगे बढ़ने की कोशिश को रोकते हुए मोर्चे पर मजबूती से डटे रहे।

रेजिमेंट की इस वीरता और सैन्य कार्रवाई के सम्मान में यूनिट को बैटल ऑनर ‘जोड़ियां कलित’ तथा थिएटर ऑनर ‘जम्मू एंड कश्मीर’ से सम्मानित किया गया। ये सम्मान रेजिमेंट के सैन्य इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

कारगिल सहित विभिन्न अभियानों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

09 महार रेजिमेंट ने इसके बाद भी भारतीय सेना के विभिन्न सैन्य अभियानों में अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। रेजिमेंट ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारियां निभाईं। कारगिल युद्ध के दौरान भी यूनिट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सैन्य दायित्वों को पूरा किया।

स्थापना दिवस समारोह में पूर्व सैनिकों ने रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि किसी भी सैन्य इकाई की पहचान उसके जवानों के साहस, अनुशासन और बलिदान से बनती है। 09 महार रेजिमेंट के जवानों ने विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों में अपने अदम्य साहस से रेजिमेंट की प्रतिष्ठा को कायम रखा है।

शहीदों और वीर जवानों को किया नमन

समारोह के दौरान पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने रेजिमेंट के उन वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक याद किया, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वक्ताओं ने कहा कि वीर सैनिकों की शौर्यगाथाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

पूर्व सैनिकों ने रेजिमेंट के वर्तमान जवानों को भी शुभकामनाएं दीं और देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के सुरक्षित रहने की कामना की। बताया गया कि 09 महार रेजिमेंट की यूनिट वर्तमान में भी देश सेवा के लिए फॉरवर्ड मिशन पर तैनात है।

स्थापना दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों ने रेजिमेंट के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए देश की रक्षा में योगदान देने वाले सभी वीर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और रेजिमेंट की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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