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37.37 लाख पुरुष, 34.21 लाख महिलाएं और 212 तृतीय लिंग मतदाता शामिल; दावे-आपत्तियों के दौरान 1.29 लाख नए नाम जुड़े

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। अंतिम सूची के अनुसार प्रदेश में अब कुल 71,58,949 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिलाएं और 212 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

SIR की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी। उस समय प्रदेश की मतदाता सूची में करीब 79.60 लाख मतदाता दर्ज थे। इस तरह अंतिम सूची में शुरुआती संख्या के मुकाबले करीब 8.01 लाख मतदाताओं की कमी सामने आई है।

प्रारूप सूची में 71.33 लाख मतदाता थे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, गणना प्रपत्रों के वितरण और संकलन के बाद 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इसमें करीब 71.33 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया।

14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं, जबकि 13 अगस्त से 28 सितंबर तक उनका निस्तारण किया गया। पूरी प्रक्रिया के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।

1.29 लाख नए नाम जुड़े, 1.04 लाख नाम हटे

दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नामों में संशोधन किया गया। इस दौरान 1,29,872 पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए, जबकि 1,04,708 मतदाताओं के नाम हटाए गए।

अंतिम सूची में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता शामिल हैं। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता भी सूची में दर्ज हैं।

कांग्रेस ने उठाया 14 लाख मतदाताओं की कमी का मुद्दा

वहीं अंतिम मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने अलग आंकड़ा सामने रखा है। कांग्रेस नेता मनोज रावत ने दावा किया कि SIR से पहले प्रदेश में करीब 85.19 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 71.58 लाख रह गए हैं। कांग्रेस के अनुसार इस आधार पर मतदाताओं की संख्या में करीब 14 लाख की कमी आई है।

हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी में SIR शुरू होने की तारीख 8 जून को 79.60 लाख मतदाता दर्ज होने की बात कही गई है। इसी संख्या के आधार पर अंतिम सूची में करीब 8.01 लाख मतदाताओं की कमी बताई गई है।

अंतिम सूची के बाद भी नाम जुड़वाने का मौका

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी यदि कोई पात्र व्यक्ति किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो पाया है तो उसके पास नाम जुड़वाने का अवसर रहेगा। इसके लिए प्रपत्र-6 भरकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन ECINet ऐप के माध्यम से ऑनलाइन या संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के जरिए ऑफलाइन किया जा सकेगा।

BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

आयोग के निर्देश पर इसके लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। बीएलओ मौजूदा मतदाता सूची का SIR से पहले की सूची से मिलान करेंगे और ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिनके नाम पुरानी सूची में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं।

ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली जाएगी। पात्र पाए जाने पर बीएलओ उन्हें प्रपत्र-6 भरकर नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद करेंगे।

इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे मतदाताओं की जानकारी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) और प्रतिनिधियों के साथ भी साझा की जाएगी।

इस तरह SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बावजूद मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन की प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

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