भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक, शासन को सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की नई पहल
चम्पावत/बनबसा। उत्तराखंड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। चम्पावत जिले में यह पहली बार है, जब राज्य कैबिनेट की बैठक आयोजित हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष लाना है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और जरूरत के अनुसार त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं हैं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। जब प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कैबिनेट बैठकें आयोजित होंगी, तो संबंधित क्षेत्रों की जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को समझने का सीधा अवसर मिलेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार त्वरित निर्णय भी ले सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित और समान विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, चम्पावत जिले के प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, धन सिंह रावत, मदन कौशिक, गणेश जोशी, राम सिंह कैड़ा, खजान दास और रेखा आर्य ने भी बनबसा में कैबिनेट बैठक को महत्वपूर्ण पहल बताया। मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार अब केवल देहरादून से शासन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचकर वहीं से सरकार के फैसले लेने की दिशा में काम कर रही है।
मंत्रियों ने कहा कि बनबसा जैसे सीमांत क्षेत्र में कैबिनेट बैठक आयोजित होने से क्षेत्र की समस्याओं और विकास की जरूरतों को शासन के शीर्ष स्तर पर रखने का अवसर मिला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री धामी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

