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चंपावत। भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा में रविवार को पहली बार उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब 24 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में नजूल भूमि के नियमितीकरण, युवाओं के कौशल विकास, कुक्कुट पालन, पशुपालन, कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण, निजी विश्वविद्यालयों के नियमों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। 

नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया होगी तेज

कैबिनेट का प्रमुख फैसला प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर रहा। सरकार अब खटीमा और बनबसा समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। इससे लंबे समय से नजूल भूमि से जुड़े मामलों में समाधान की उम्मीद जगी है।

युवाओं के लिए ₹200 करोड़ की स्किल डेवलपमेंट योजना

युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से ₹200 करोड़ की स्किल डेवलपमेंट योजना को मंजूरी दी गई। योजना के तहत छात्रों को विभिन्न रोजगारपरक कौशल सिखाने के साथ स्किल डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो सकते हैं।

पहाड़ों में कुक्कुट पालन को मिलेगा बढ़ावा

ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुक्कुट पालन पर डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। इस योजना से करीब 2,000 लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके साथ ही पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के लिए महानिदेशक के एक पद को भी स्वीकृति दी गई है।

कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का विवरण

कैबिनेट ने कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के कर्मचारियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपनी संपत्ति का विवरण देना होगा। इसके अलावा प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को समूह ‘ख’ में किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

निजी विश्वविद्यालयों के नियमों में बदलाव

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि संबंधी नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब पहले लागू 10 एकड़ भूमि की अनिवार्यता के स्थान पर 20 हजार वर्ग मीटर भूमि में विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही ₹5 करोड़ के गारंटी फंड की अनिवार्यता को भी समाप्त करने का फैसला लिया गया है।

डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया। डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इससे सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण और सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

टीडीसी के लिए ₹66 करोड़ का विशेष पैकेज

उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीडीसी) से जुड़े विषय पर भी कैबिनेट ने निर्णय लिया। निगम के लिए ₹66 करोड़ के विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई है।

नरेंद्रनगर में खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे क्षेत्र के लोगों को पंजीकरण संबंधी कार्यों के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।

वन भूमि के मामलों के लिए पीएमयू और नोडल अधिकारी

वन भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) गठित करने और नोडल अधिकारियों की व्यवस्था करने का फैसला भी लिया गया है। इसका उद्देश्य वन भूमि से संबंधित लंबित मामलों में समन्वय और निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करना है।

बनबसा में कैबिनेट बैठक से स्थानीय स्तर पर भी उम्मीदें

चंपावत जिले में पहली बार आयोजित हुई कैबिनेट बैठक को प्रशासनिक और क्षेत्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बनबसा के एनएचपीसी परिसर में आयोजित बैठक में स्थानीय संस्कृति और ऐंपण कला की झलक भी देखने को मिली। 

कैबिनेट के फैसलों में भूमि, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पशुपालन, प्रशासन और उच्च शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। विशेष रूप से नजूल भूमि के नियमितीकरण और कौशल विकास योजना जैसे फैसलों का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ने की संभावना है।

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