बैंक ऑफ बड़ौदा की कमोला शाखा पर गंभीर सवाल: कैशियर के व्हाट्सएप से लिंक भेजकर ₹6 लाख की ठगी, बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका पर प्रबंधक साधे हैं चुप्पी

BoB कमोला शाखा फिर विवादों में: कैशियर के व्हाट्सएप से लिंक भेजकर खाताधारकों को लगाया लाखों का चूना

कमोला बैंक शाखा में साइबर ठगी से हड़कंप, ग्राहकों ने कर्मचारियों की मिलीभगत और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

रिपोर्टर – ऋतिक गोस्वामी 

कालाढूंगी। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की कमोला शाखा एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। पूर्व में दो बार डकैती और कई वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं का सामना कर चुकी इस शाखा में सोमवार को साइबर ठगी का ऐसा मामला सामने आया, जिसने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और उपभोक्ताओं के निजी डेटा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बैंक के कैशियर के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर से उपभोक्ताओं को संदिग्ध लिंक भेजे गए और लिंक पर क्लिक करते ही उनके खातों से करीब छह लाख रुपये निकाल लिए गए।

मामला सामने आने के बाद दर्जनों खाताधारक बैंक शाखा में एकत्रित हो गए और बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बैंक के आधिकारिक नंबर का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा किया जाना सामान्य घटना नहीं है और पूरे मामले की गहन जांच आवश्यक है।

पहले खाते से कटे दो लाख, शिकायत के बाद भी नहीं रुका फ्रॉड

पीड़ित धर्मेंद्र कंबोज के अनुसार, उनके मोबाइल पर बैंक के कैशियर के व्हाट्सएप नंबर से एक लिंक भेजा गया। बैंक से संबंधित संदेश समझकर उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके खाते से करीब दो लाख रुपये की रकम निकल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही धर्मेंद्र कंबोज बैंक शाखा पहुंचे और उन्होंने बैंक कर्मचारियों को मामले की जानकारी देते हुए लिखित एवं मौखिक शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इसके बावजूद बैंक की ओर से खाते को तत्काल फ्रीज या अन्य आवश्यक सुरक्षा कदम नहीं उठाए गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायत के करीब पांच घंटे बाद उनके दूसरे खाते से भी दो लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि यदि पहली शिकायत मिलते ही बैंक ने खाते पर तत्काल रोक लगा दी होती तो दूसरी बार होने वाला नुकसान रोका जा सकता था।

एक अन्य महिला उपभोक्ता के खाते से भी निकले एक लाख रुपये

इसी दौरान एक अन्य महिला खाताधारक रानी कंबोज के खाते से भी करीब एक लाख रुपये की निकासी होने की बात सामने आई है। इस तरह सामने आई जानकारी के अनुसार दोनों उपभोक्ताओं के खातों से कुल मिलाकर करीब छह लाख रुपये की रकम साइबर ठगी का शिकार हुई है।

घटना के बाद बैंक परिसर में पहुंचे उपभोक्ताओं ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जमकर विरोध किया। उनका आरोप है कि यदि साइबर अपराधियों के पास बैंक कर्मचारी के व्हाट्सएप नंबर से संदेश भेजने की सुविधा पहुंच गई है, तो यह केवल बाहरी साइबर अपराध का मामला नहीं माना जा सकता। हालांकि कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच होना बाकी है।

पहले भी दो बार डकैती, अब साइबर ठगी ने बढ़ाई चिंता

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि कमोला शाखा पहले भी दो बार डकैती जैसी गंभीर वारदातों का सामना कर चुकी है। इसके अलावा शाखा से जुड़े वित्तीय धोखाधड़ी के कई मामले सामने आने की बात भी उपभोक्ताओं ने कही है।

ऐसे में इस बार बैंक के कैशियर के व्हाट्सएप नंबर से संदिग्ध लिंक भेजकर खातों से रकम उड़ाए जाने की घटना ने ग्राहकों की चिंता और बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बैंक के डिजिटल सिस्टम, कर्मचारियों के मोबाइल एवं आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर, खाताधारकों के डेटा तक पहुंच और साइबर सुरक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उपभोक्ताओं ने उठाए कई गंभीर सवाल

घटना के बाद ग्राहकों ने बैंक प्रबंधन से कई सवाल पूछे हैं। उनका कहना है कि यदि बैंक कर्मचारी का नंबर साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल हुआ, तो अपराधियों तक यह नंबर और ग्राहकों से संबंधित जानकारी कैसे पहुंची? शिकायत मिलने के बाद भी खाते से दूसरी बार रकम कैसे निकल गई? बैंक की ओर से पहली शिकायत के तत्काल बाद खाते को सुरक्षित क्यों नहीं किया गया?

उपभोक्ताओं ने यह भी मांग की है कि मामले की जांच केवल बैंक स्तर पर न होकर साइबर पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों से कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ठगी के पीछे कौन लोग हैं और बैंक के आंतरिक सिस्टम या कर्मचारियों की भूमिका रही है या नहीं।

सवालों से बचते नजर आए शाखा प्रबंधक

मामले को लेकर जब बैंक शाखा प्रबंधक अंकित से सुरक्षा में हुई चूक, उपभोक्ताओं के खातों से रकम निकलने और बैंक कर्मचारियों की संभावित भूमिका को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने विस्तृत जवाब देने से इनकार किया। प्रबंधक ने सिर्फ इतना कहा कि मामले की जांच चल रही है।

पुरानी डकैती और कथित वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं तथा कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत को लेकर पूछे गए सवालों पर भी प्रबंधक ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

घटना से नाराज क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनके खाते से निकाली गई रकम की भरपाई नहीं हुई और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे बैंक के खिलाफ आंदोलन करने के साथ-साथ कानूनी कदम उठाने को बाध्य होंगे।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बैंक के अधिकृत कैशियर के व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल साइबर ठगों ने कैसे किया और शिकायत के बावजूद दूसरी बार खाते से रकम निकलने की नौबत क्यों आई। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  भवाली-नैनीताल में आवासीय भवनों पर ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ लामबंद हुई जनता, कांग्रेस नेता शीलू कुमार ने सीएम धामी से मांगा मालिकाना हक

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.