लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन गुरुवार को छठवें दिन भी जारी रहा।
कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के बैनर तले शहीद स्मारक के निकट चल रहे इस आंदोलन को क्षेत्रवासियों का लगातार समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
क्रमिक अनशन के छठवें दिन रावत नगर प्रथम निवासी मोहन चंद्र मेलकानी अपने पुत्र रोहित मेलकानी के साथ एक साथ अनशन पर बैठे। पिता-पुत्र के एक साथ आंदोलन में शामिल होने से अनशन स्थल पर मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। उनके साथ देवकीनंदन पाठक, गोविंद सिंह चौहान और पुष्कर दुबड़िया भी क्रमिक अनशन पर बैठे। इस तरह गुरुवार को कुल पांच लोग क्रमिक अनशन पर डटे रहे।
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर से बिंदुखत्ता के शहीद स्मारक के निकट इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में क्रमिक अनशन शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना है। उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
क्षेत्रवासियों का मिल रहा व्यापक समर्थन
आंदोलन को क्षेत्रवासियों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। लगातार बढ़ रही सहभागिता के बीच ग्रामीण बारी-बारी से क्रमिक अनशन में शामिल होकर अपनी मांग के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिलने से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही विभिन्न समस्याओं से राहत मिल सकेगी।
अनशन स्थल पर पहुंचे लोगों ने आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि बिंदुखत्ता की राजस्व गांव की मांग वर्षों पुरानी है। ऐसे में सरकार को क्षेत्रवासियों की भावनाओं को देखते हुए इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुंदन सिंह मेहता, प्रदीप सिंह बथ्याल, प्रकाश आर्य, प्रकाश चंद्र कापड़ी, गुरदयाल मेहरा, भुवन जोशी, किशन सिंह बघरी, गिरधर बम, राजपाल, रमेश कुमार, हरीश भट्ट, मीना, कपिल और बीना जोशी समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

