दूषित पानी का संकट! दुर्गा कॉलोनी में पीलिया से छात्रा की मौत, एक महीने से गंदे पानी की शिकायत

सुबह 10 से 15 मिनट तक आ रहा गंदा पानी, दुर्गा कॉलोनी में छात्रा की मौत के बाद विभाग अलर्ट

एक महीने से दूषित पानी आने की शिकायत कर रहे स्थानीय लोग, छात्रा की मौत के बाद जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची; पानी के सैंपल लेकर आपूर्ति रोकी

हल्द्वानी। शहर के वार्ड नंबर नौ स्थित दुर्गा कॉलोनी, नवाबी रोड में पीलिया से पीड़ित बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा की मौत के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। छात्रा की मौत के बाद कॉलोनी में दो अन्य बच्चों के भी पीलिया से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोग पिछले करीब एक महीने से सुबह के समय गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। हालांकि, छात्रा की बीमारी और दूषित पेयजल के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हरकत में आईं। जल संस्थान के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पेयजल के नमूने लिए और एहतियातन पानी की आपूर्ति रोक दी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की तथा पेयजल के नमूने लेकर क्लोरीनेशन की स्थिति भी जांची।

बरेली के अस्पताल में तीन दिन वेंटिलेटर पर रही छात्रा

जानकारी के अनुसार, गंगोलीहाट निवासी सुहानी पंत दुर्गा कॉलोनी में अपनी बुआ के साथ रहती थीं। वह महिला महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद निजी लैब में जांच कराई गई, जिसमें उन्हें पीलिया होने की पुष्टि हुई।

परिजनों ने सुहानी का इलाज कराया, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें बरेली स्थित राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया कि अस्पताल में तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद सुहानी ने दम तोड़ दिया।

सुहानी की मौत की खबर से परिवार में शोक का माहौल है। उनकी बुआ की जेठानी खष्टी जोशी ने बताया कि कॉलोनी में लंबे समय से गंदा पानी आने की समस्या बनी हुई थी। उनका कहना है कि सुहानी भी इसी दौरान बीमार पड़ी थीं। छात्रा के परिजन शव को लेकर अपने गृह क्षेत्र गंगोलीहाट चले गए हैं।

कॉलोनी में दो अन्य बच्चे भी पीलिया से पीड़ित

छात्रा की मौत के साथ ही दुर्गा कॉलोनी में दो अन्य बच्चों के भी पीलिया से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई है। कॉलोनी निवासी राजेश कटारिया के बेटे को उपचार के बाद बेस अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वहीं, आशीष रौतेला को अपने बेटे के इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ा।

एक ही क्षेत्र में पीलिया के कई मामले सामने आने और छात्रा की मौत के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों ने पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता की जांच कराने और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

जल संस्थान ने लिए पानी के सैंपल, आपूर्ति रोकी

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस लोशाली, सहायक अभियंता रविंद्र कुमार और कनिष्ठ अभियंता दीपक शर्मा सहित अन्य कर्मचारी दुर्गा कॉलोनी पहुंचे।

टीम ने मौके से पेयजल के नमूने एकत्र किए, ताकि पानी की गुणवत्ता की जांच की जा सके। इसके साथ ही एहतियातन क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति रोक दी गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी आने की समस्या करीब एक महीने से बनी हुई है। ऐसे में पेयजल लाइन और आपूर्ति व्यवस्था की गहन जांच जरूरी है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि पानी गंदा क्यों आ रहा है और समस्या का स्थायी समाधान कैसे किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने 31 लोगों की जांच की

छात्रा की मौत और अन्य बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी दुर्गा कॉलोनी पहुंची। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, हल्द्वानी ब्लॉक डॉ. ममता सिंह के नेतृत्व में एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया।

इस दौरान कुल 31 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में पेयजल के नमूने लेकर क्लोरीनेशन की स्थिति भी जांची। विभाग के अनुसार, मौके पर जांचे गए सभी सैंपल सही पाए गए। हालांकि, विस्तृत जांच के लिए पानी के तीन नमूने सुशीला तिवारी अस्पताल भेजे गए हैं।

इन नमूनों की विस्तृत जांच से पेयजल की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने में मदद मिलेगी। फिलहाल, छात्रा की मौत का कारण दूषित पानी ही था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुबह नलकूप और शाम को गौला की लाइन से होती है आपूर्ति

दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले लोगों के अनुसार, क्षेत्र में सुबह के समय नलकूप से और शाम को गौला की लाइन से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। करीब 120 की आबादी वाली इस कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि सुबह जब नलकूप से पानी आता है, तो शुरुआती 10 से 15 मिनट तक पानी गंदा रहता है।

लोगों ने बताया कि इस समस्या के चलते वे पानी को उबालकर पीने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का दावा है कि करीब एक महीने से यह परेशानी बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

छात्रा की मौत और दो अन्य बच्चों के बीमार होने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभागों से नियमित जांच कराने और साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

जलजनित रोगों की निगरानी करेगा स्वास्थ्य विभाग

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि जलजनित रोगों के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की नियमित निगरानी की जाएगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में इस तरह का कोई मामला सामने आता है, तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

शिकायत के लिए संपर्क नंबर: 9410119773

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

दुर्गा कॉलोनी में पीलिया से छात्रा की मौत और अन्य बच्चों के बीमार होने की घटनाओं ने पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग जहां लंबे समय से गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे हैं, वहीं विभागीय टीमों ने जांच शुरू कर दी है।

अब पानी के नमूनों की विस्तृत जांच रिपोर्ट और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जांच के जरिए समस्या की वास्तविक वजह सामने आएगी और उन्हें सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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